जागरण संवाददाता, कोलकाता। वर्ष 2011 में पश्चिम बंगाल की सत्ता पर तृणमूल कांग्रेस के आरूढ़ होने के बाद राज्य के विभिन्न क्षेत्रों को पर्यटन के लिहाज से विकसित करने में राज्य सरकार ने जी जान लगा दी है। अब दार्जिलिंग के पहाड़ी क्षेत्रों को समतल से लेकर पठारी हिस्से तक पर्यटन के लिहाज से अति विकसित बनाने की परियोजना शुरू की गई है।

शनिवार को राज्य पर्यटन विभाग की ओर से इस बारे में जानकारी दी गई है। बताया गया है कि राज्य सरकार लोकप्रिय दार्जिलिंग और उसके आसपास के क्षेत्रों में पर्यटन के लिहाज से कई विकास परियोजनाओं को मूर्त रूप देने जा रहे हैं। विभाग के मुताबिक क्षेत्र के रोंगबुल बाजार के नीचे धोतराई में एक पर्यटन केंद्र विकसित किया जाएगा। यह एक सुंदर समतल भूमि है जो 360 डिग्री का दृश्य प्रस्तुत करती है, और इसमें बहु मंजिली कॉटेज बनाए जाएंगे जिसकी छत से पूरे क्षेत्र का मनोरम दृश्य देखा जा सकेगा।

इसके अलावा एक बहुउद्देशीय हॉल जहां शादियों या कोई भी बड़ा उत्सव का आयोजन किया जा सकता है, एक हेलीपैड और अत्याधुनिक सुविधाओं से युक्त 5 किलोमीटर की विस्तृत सड़कें विकसित की जाएंगी जो इस क्षेत्र तक पर्यटकों की पहुंच को सुनिश्चित करेंगी। करीब 25 करोड़ रुपये की लागत से दार्जिलिंग टूरिस्ट लॉज को भी नया रूप दिया जा रहा है। पर्यटक लॉज को नया स्वरूप देने के लिए छह वास्तुकारों को सूचीबद्ध किया गया है। उन्हें जल्द ही प्रस्तावित नक्शा राज्य पर्यटन विभाग को सौंपने का निर्देश दिया गया है। फरवरी महीने से इसके जीर्णोद्धार के लिए निविदाओं को बुलाया जाएगा। पुनर्निर्मित लॉज में 40 से अधिक कमरे होंगे, साथ ही अत्याधुनिक लॉबी, रूफटॉप रेस्तरां, बार और लैंडस्केप लॉन जैसी सामान्य सुविधाएं भी होंगी।

विभाग की ओर से यह भीी बताया गया है कि दार्जिलिंग टूरिस्ट लॉज के अलावा कर्सियांग टूरिस्ट लॉज को भी पुनर्निमित किया जाएगा। इसे और अधिक विस्तृत क्षेत्र में विकसित करने का काम होगा। पर्यटक लॉज के नीचे एक विस्तृत भूमि क्षेत्र मौजूद है जिसका उपयोग मौजूदा इमारत के विस्तार के लिए किया जाएगा। कमरों और रेस्तरां को पुनर्निर्मित किया जाएगा, और एक मॉड्यूलर किचन और लैंडस्केप परिवेश को विकसित किया जाएगा।

इन दोनों क्षेत्रों के अलावा दार्जिलिंग में 140 साल पुराना विशाल लॉयड बॉटनिकल गार्डन मौजूद है जिसे राज्य सरकार नवीनीकृत करने जा रही है। यह उद्यान दुनिया भर के छात्रों, शोधकर्ताओं और पर्यटकों के लिए बहुत महत्वपूर्ण है क्योंकि इसमें हजारों प्रजातियों के पौधे हैं, जिनमें से कई हिमालय मूल के हैं। इसके विकास और सौंदर्यीकरण के लिए पर्यटन विभाग और वन विभाग मिलकर काम करेंगे। सड़कों, नालियों और ग्रीनहाउस को नया रूप दिया जाएगा। इसके लिए एक विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार की जा रही है। बगीचे से सटे एक एकड़ भूमि पर एक नया पर्यटन बिंदु बनाया जाएगा। टाइगर हिल, टोंग्लू और फालूत में "ट्रेकर्स झोपड़ी" बनाई जाएगी। ये अर्ध-स्थायी प्रकाश सुविधाओं के साथ तम्बू-प्रकार के आवास होंगे। टाइगर हिल स्थित पुराने ब्रिटिश बंगले का भी पुनर्निर्माण किया जा रहा है।

विभाग की ओर से बताया गया है कि कालिम्पोंग में, हिल टॉप और मॉर्गन हाउस को नया रूप दिया जाएगा। आसपास के क्षेत्रों में सड़क यातायात, बिजली पानी और अन्य मूलभूत सुविधाएं बढ़ाई जाएंगी ताकि पर्यटकों को सुविधा मिल सके। मोंगपु, झालोंग और चाल्सा को भी अत्याधुनिक सुविधाओं से युक्त किया जा रहा है।  

Posted By: Preeti jha

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