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बंगाल में महिला कैदियों को मिलेगी नई साड़ी, जेल में गूंजेगा मां दुर्गा का जयकारा

By Mohan JhaEdited By: Sakshi Gupta
Published: Wed, 14 Oct 2026 11:11 PM (IST)

सिलीगुड़ी विशेष जेल में दुर्गा पूजा की तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं, जहां कैदियों की समिति पंडाल सजाने से लेकर भोग तक की व्यवस्था संभाल रही है।

जेल में गूंजेगा मां दुर्गा का जयकारा (प्रतीकात्मक फोटो)

जेल में गूंजेगा मां दुर्गा का जयकारा (प्रतीकात्मक फोटो)

HighLights

  1. सिलीगुड़ी जेल में कैदियों द्वारा दुर्गा पूजा का आयोजन।

  2. कैदियों की समिति संभालेगी पूजा और भोजन की व्यवस्था।

  3. महिला कैदियों को मिलेंगी नई साड़ियां, विशेष भोजन भी।

मोहन झा, सिलीगुड़ी। आस्था और भक्ति के रंग में सराबोर होने के लिए बंगाल में दार्जिलिंग जिले के अधीन सिलीगुड़ी विशेष जोल भी तैयार है। दुर्गोत्सव की खुशियां इस बार जेल की चारदीवारी के भीतर भी देखने को मिलेंगी। यहां षष्ठी से मां दुर्गा की पूजा-अर्चना शुरू होगी।

शहर के वार्ड नंबर चार स्थित कुम्हार टोली से मां दुर्गा की प्रतिमा गुरुवार शाम जेल पहुंचेगी। पूजा को लेकर कैदियों में खासा उत्साह है। खास बात यह है कि पंडाल सजाने से लेकर भोग और विशेष व्यंजनों का मेन्यू तय करने तक की जिम्मेदारी कैदियों की कमेटी को सौंपी गई है।

सिलीगुड़ी विशेष जेल में क्षमता से कई गुना अधिक कैदी रह रहे हैं। यहां 219 कैदियों के रहने की व्यवस्था है, जबकि वर्तमान में 750 से अधिक कैदी हैं। इनमें करीब 45 महिलाएं शामिल हैं।

इसके बावजूद दुर्गापूजा के आयोजन को लेकर तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं। कैदियों की एक कमेटी पूजा की तैयारियों से लेकर खानपान तक की व्यवस्था संभाल रही है।

पंचमी की शाम प्रतिमा जेल परिसर में पहुंचेगी और षष्ठी से विधि-विधान के साथ पूजा शुरू होगी। जेल परिसर स्थित काली मंदिर के पुजारी मां दुर्गा की पूजा कराएंगे।

मां का दरबार सजाने, फूलों की माला तैयार करने, ढोल, घंटा और शंख बजाने तथा भोग बनाने की जिम्मेदारी कैदी निभाएंगे। नवमी को हवन किया जाएगा। वहीं, प्रतिमा लाने, बाहर से पूजन सामग्री और अन्य जरूरी सामान मंगाने तथा विसर्जन की व्यवस्था जेल प्रबंधन की ओर से की जाएगी। दशमी के दिन प्रतिमा का विसर्जन होगा।

चार दिनों तक मिलेगा विशेष भोजन

दुर्गोत्सव के दौरान कैदियों के लिए विशेष भोजन की व्यवस्था की गई है। षष्ठी को नाश्ते के बाद पूरी और खीर परोसी जाएगी। सप्तमी को मुर्गा-चावल और मुर्गा-रोटी का इंतजाम रहेगा। अष्टमी को दोपहर में खिचड़ी, जबकि रात में बासंती पुलाव और मलाई-पनीर दिया जाएगा।

नवमी को मछली-भात और दशमी को मटन परोसा जाएगा। इसके अलावा मिठाई और पापड़ भी दिए जाएंगे। विशेष भोजन के इस आयोजन से कैदियों के बीच त्योहार का उत्साह और बढ़ने की उम्मीद है।

महिला कैदियों को मिलेगी नई साड़ी

दुर्गापूजा के अवसर पर जेल प्रबंधन की ओर से महिला कैदियों को नई साड़ी और उनके बच्चों को नए कपड़े उपलब्ध कराए जाएंगे।

वहीं, पुरुष कैदियों को उनके परिवार की ओर से नए वस्त्र देने की अनुमति दी गई है। इस पहल का उद्देश्य त्योहार के दौरान कैदियों को भी उत्सव की खुशियों से जोड़ना है।

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