मौत को सामने देख मोड़ ली गाड़ी, नेपाल की बाढ़ से बाल-बाल बचे बंगाल के दंपति
नेपाल में 26 अगस्त को आई अचानक बाढ़ की चपेट में आने से बाल-बाल बचे बशीरहाट के सेवानिवृत्त दंपती सुरक्षित घर लौट आए हैं।
-1788099197402_m.webp)
बशीरहाट दंपती नेपाल बाढ़ से सुरक्षित घर लौटे

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
राज्य ब्यूरो, कोलकाता। नेपाल में 26 अगस्त को आई अचानक बाढ़ की चपेट में आने से बाल-बाल बचे उत्तर 24 परगना जिले के बशीरहाट निवासी सेवानिवृत्त दंपती रविवार को सुरक्षित घर लौट आए।
सेवानिवृत्त शिक्षक अनुकूल पोद्दार और उनकी पत्नी रेवा राय पोद्दार मानसरोवर यात्रा पर गए 17 तीर्थयात्रियों के दल में शामिल थे। घर लौटने के बाद उन्होंने नेपाल में बिताए भय और चिंता से भरे दिनों की आपबीती सुनाई।
बशीरहाट दंपती नेपाल बाढ़ से सुरक्षित घर लौटे
दंपती ने बताया कि वे एक ट्रैवल एजेंसी के साथ मानसरोवर यात्रा पर गए थे। 26 अगस्त को सुबह करीब 6:30 बजे बंगाली और दक्षिण भारतीय पर्यटकों को लेकर वाहनों का काफिला रवाना हुआ। करीब दो घंटे बाद चालक ने दूर पहाड़ी से तेज गति से पानी नीचे आते देखा। इसके बाद नदी की ओर सफेद धुएं जैसी कोई चीज तेजी से बढ़ती नजर आई।
रेवा ने बताया कि उन्होंने लोगों को भागते और बच्चों को रोते देखा। तभी उन्हें किसी बड़ी आपदा का एहसास हुआ। चालक ने तुरंत वाहन को ऊंचे स्थान पर पहुंचाया। इसी बीच यात्रा प्रबंधक को फोन पर सूचना मिली कि आव्रजन कार्यालय की ओर जाने वाला पुल बाढ़ में बह गया है और आगे का रास्ता कट गया है।
दंपती के अनुसार, जिस स्थान से वे लौटे, वह बाढ़ प्रभावित रसुवा से करीब डेढ़ घंटे की दूरी पर था। उन्होंने रास्ते में दुकानदारों को तेजी से दुकानें बंद करते और स्कूली बच्चों को पहाड़ी की ओर भागते भी देखा।
तिब्बत जाने के बजाय ट्रेन से लौटे
अनुकूल पोद्दार ने बताया कि उन्हें 27 अगस्त को तिब्बत में प्रवेश करना था, लेकिन हालात बिगड़ने के कारण यात्रा रद करनी पड़ी। शुक्रवार को वे नेपाल के बिहार सीमा से लगे शहर बीरगंज पहुंचे और वहां से वापसी की यात्रा शुरू की। बशीरहाट अनुमंडल प्रशासन ने उन्हें पटना से विमान के जरिये कोलकाता लौटने की सलाह दी थी।
हालांकि, दंपती ने बताया कि रक्सौल से पटना जाने का साहस नहीं जुटा पाए। इसलिए उन्होंने दल के अन्य सदस्यों के साथ ट्रेन से लौटने का फैसला किया। रविवार को मिथिला एक्सप्रेस से हावड़ा पहुंचने पर बशीरहाट थाने की पुलिस टीम ने उनका स्वागत किया और राज्य सरकार की व्यवस्था के तहत उन्हें सुरक्षित घर पहुंचाया।
इस बीच, बशीरहाट के ही एक अन्य सेवानिवृत्त दंपती स्वपन मंडल और मौ मंडल भी इसी यात्रा पर गए थे, लेकिन वे अलग ट्रैवल एजेंसी के साथ थे। उनके अब तक लापता होने की सूचना है।
यह भी पढ़ें- नेपाल आपदा: त्रासदी के बीच तिब्बत में मौतों का आंकड़ा क्यों छिपा रहा है चीन?
यह भी पढ़ें- नेपाल त्रासदी के 3 दिन बाद मलबे से जिंदा निकली 6 साल की मासूम, ऐसे हुआ रेस्क्यू
