'पटाखों के भंडारण और बिक्री पर सुरक्षा सुनिश्चित करे सरकार', कांग्रेस अध्यक्ष शुभंकर सरकार ने उठाए सवाल
बंगाल कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष शुभंकर सरकार ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर घनी आबादी वाले क्षेत्रों में पटाखों से होने वाले ...और पढ़ें

कांग्रेस ने पटाखों की सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की।
HighLights
कांग्रेस ने पटाखों की सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की।
शुभंकर सरकार ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर चिंता जताई।
अवैध पटाखों पर रोक और लाइसेंसिंग पर जोर दिया।
राज्य ब्यूरो, कोलकाता। बंगाल कांग्रेस ने काली पूजा और दिवाली से पहले राज्य सरकार से पटाखों के भंडारण, परिवहन और बिक्री के लिए पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था, लाइसेंसिंग तथा नियामकीय उपाय सुनिश्चित करने की मांग की है।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष शुभंकर सरकार ने मंगलवार को मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी को पत्र लिखकर पटाखों के रखरखाव और भंडारण से जुड़े संभावित खतरों पर चिंता जताई।
उन्होंने कहा कि घनी आबादी वाले आवासीय और व्यावसायिक क्षेत्रों में पटाखों के कारण आग लगने, विस्फोट होने तथा जान-माल के नुकसान की आशंका बनी रहती है। इससे बचाव के लिए समय रहते जरूरी एहतियाती कदम उठाए जाने चाहिए।
शुभंकर ने प्रश्न किया कि क्या राज्यभर में पटाखों के भंडारण, थोक वितरण और खुदरा बिक्री के लिए घनी आबादी वाली बस्तियों से दूर निर्धारित क्लस्टर बनाए गए हैं? क्या निर्माताओं, थोक विक्रेताओं, वितरकों और खुदरा कारोबारियों को वैध लाइसेंस लेने तथा निर्धारित सुरक्षा मानकों और कानूनी प्रावधानों का पालन करने का निर्देश दिया गया है?
उन्होंने निर्धारित पटाखा बाजारों और भंडारण केंद्रों पर अग्निशमन वाहन, प्रशिक्षित कर्मियों, आग बुझाने के उपकरणों और आपातकालीन प्रतिक्रिया दल की तैनाती का ब्योरा मांगा।
साथ ही पुलिस, अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवाओं तथा जिला प्रशासन की ओर से भंडारण केंद्रों के निरीक्षण की जानकारी मांगी, ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि पटाखे केवल अधिकृत परिसरों में और सुरक्षा नियमों के अनुरूप रखे जा रहे हैं।
कांग्रेस अध्यक्ष ने अवैध रूप से पटाखों के निर्माण, परिवहन, भंडारण और बिक्री पर भी चिंता जताई। उन्होंने खास तौर पर घनी आबादी वाले आवासीय इलाकों में अनधिकृत और प्रतिबंधित पटाखों के कारोबार को रोकने के लिए उठाए गए कदमों का ब्योरा मांगा।
उन्होंने सुप्रीम कोर्ट, राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) और पश्चिम बंगाल प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की ओर से अनुमत पटाखों की बिक्री और इस्तेमाल को लेकर जारी निर्देशों के अनुपालन की व्यवस्था पर भी सवाल उठाए।
उन्होंने पूछा कि क्या जिला मजिस्ट्रेटों, पुलिस अधीक्षकों और पुलिस आयुक्तों को सुरक्षा दिशा-निर्देशों की निगरानी और उनके सख्त अनुपालन के लिए विशेष निर्देश जारी किए गए हैं।
शुभंकर ने राज्य सरकार से एक व्यापक राज्यस्तरीय सुरक्षा एवं निगरानी योजना का ब्योरा सार्वजनिक करने की मांग की। इसमें राज्यभर में बनाए गए निर्धारित पटाखा क्लस्टरों की संख्या और उनके स्थान की जानकारी भी शामिल है।