हृदयानंद गिरि, दुर्गापुर। लोकसभा हो या विधानसभा चुनाव, दुर्गापुर का 65 वर्ष पुराना दामोदर बैराज हर चुनाव में राजनीतिक दलों का मुद्दा तो बनता रहा, मगर चुनाव के बाद सभी इसे भूलते रहे। बैराज के तल पर जमा मिट्टी (गाद) की सफाई किसी ने नहीं कराई। गाद के साथ ही राजनीतिज्ञों की इच्छाशक्ति भी जम गई। इस बार भी राजनीतिक दल के प्रत्याशी इस मामले को जोरशोर से उठा रहे हैं। 31 अक्टूबर 2020 एवं 24 नवंबर 2017 को दामोदर बैराज का लॉकगेट क्षतिग्रस्त हो जाने से सारा पानी बह गया था। उस समय लोगों को दस दिनों तक पानी के लिए तरसना पड़ा। आसनसोल से टैंकर से पानी आता था। बैराज का पानी बहा तो मछलियां भी बह गईं। नतीजा हजारों मछुआरों का हाल बेहाल हुआ। एक साल तक की जीविका भी प्रभावित हुई।

दामोदर वैली कॉरपोरेशन के इस बैराज को केंद्र सरकार ने बनवाया था। इसके रखरखाव को जिम्मा राज्य सरकार के पास है। भाजपा नेता जोर शोर से बैराज की मरम्मत की अनदेखी का आरोप तृणमूल कांग्रेस पर मढ़ते हैं। यह भी कहते हैं कि बैराज पर बने पुल का टोल टैक्स तो राज्य सरकार लेती है फिर मरम्मत की जिम्मेदारी से क्यों भागती है। दूसरी ओर तृणमूल कांग्रेस नेता इसके लिए केंद्र सरकार को जिम्मेदार ठहराते हैं। उनका कहना है कि जब बैराज डीवीसी का है तो केंद्र को भी मदद करनी चाहिए। संयुक्त मोर्चा गठबंधन ने तो अपने घोषणापत्र में इस मुद्दे को शामिल किया है। कांग्रेस व माकपा नेता कहते हैं कि हम सत्ता में आए तो बैराज मरम्मत व गाद की सफाई प्राथमिकता में होगी।

दुर्गापुर निवासी नीरज कुमार, अनूप यादव व विनोद यादव कहते हैं कि बैराज यहां की जनता की आत्मा है। दुर्गापुर पूर्व, दुर्गापुर पश्चिम में पानी की आपूॢत इसी के दम पर होती है। गलसी विधानसभा क्षेत्र में सिंचाई यहां के पानी से होती है। बांकुड़ा और हुगली को यही बैराज बाढ़ से बचाता है। जैसे गाद जमी वैसे नेताओं की इच्छाशक्ति। मगर इसकी अनदेखी जनता की अनदेखी है। जब तृणमूल कांग्रेस पर इसके रखरखाव की जिम्मेदारी है तो वह इससे पीछे क्यों हटी। काम शुरू भी हुआ तो सबको दिख रहा है कि कैसे हो रहा है। इसका जवाब भी उसे जनता को देना ही होगा। माकपा भी यहां शासन कर चुकी हे, उसके पास भी कोई जवाब नहीं है। जनता सब समझती है व चुनाव में दिखा भी देगी।

1955 में बना था बैराज : दामोदर नदी को बंगाल के शोक के नाम से जाना जाता है। मुख्य वजह दामोदर नदी के कारण कई जिलों में बाढ़ आ जाती थी। वर्ष 1948 में बने दामोदर घाटी निगम ने टेनेसी वैली कॉपरपोरेशन के तर्ज पर वर्ष 1955 में दुर्गापुर बैराज बनाया था। इससे बद्र्धमान, बांकुड़ा एवं हुगली के लोगों को बाढ़ से राहत मिली।

दुर्गापुर पूर्व के माकपा प्रत्याशी आभाष राय चौधरी ने बताया कि दुर्गापुर की जनता के हित के लिए बैराज सफाई एवं मरम्मत जरूरी है। उसकी जल धारण क्षमता तभी बढ़ेगी। अन्यथा पानी की समस्या होती रहेगी, अधिक बारिश होने पर बैराज के क्षतिग्रस्त होने की भी संभावना होगी।

दुर्गापुर पश्चिम के भाजपा प्रत्याशी लखन घोरूई ने बताया कि केंद्र सरकार हमेशा बैराज की सफाई एवं मरम्मत में सहयोग की बात कहती आ रही है। मगर राज्य सरकार की ओर से जरूरी कदम न उठाने से समस्या हुई है। भाजपा की सरकार बनने पर बैराज मरम्मत कराएंगे।

दुर्गापुर पूर्व के तृणमूल कांग्रेस प्रत्याशी प्रदीप मजूमदार ने बताया कि बैराज की सफाई व मरम्मत के लिए केंद्र सरकार की ओर से कोई कदम नहीं उठाया जा रहा है। राज्य के पास सीमित आॢथक क्षमता है, बावजूद सीएम ममता बनर्जी ने सार्थक प्रयास किए हैं।

 

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