बंगाल: सीएम शुभेंदु ने सुंदरबन में बीएसएफ जवानों के साथ मनाई दीवाली, मिठाई खिलाकर जवानों को दी शुभकामनाएं
बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने भारत-बांग्लादेश सीमा पर हिंगलगंज में बीएसएफ जवानों के साथ दीवाली मनाई। उन्होंने जवानों को ...और पढ़ें

HighLights
मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने बीएसएफ जवानों संग मनाई दीवाली।
पिछली सरकार के बीएसएफ व्यवहार पर मुख्यमंत्री ने मांगी माफी।
सीमा सुरक्षा और बाड़ लगाने के लिए जमीन देने का आश्वासन।
राज्य ब्यूरो, कोलकाता। बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने रविवार को भारत-बांग्लादेश सीमा से लगे उत्तर 24 परगना जिले के सुंदरबन के हिंगलगंज स्थित सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) की सीमा चौकी पर पहुंचकर जवानों के साथ दीवाली मनाई।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का अनुसरण करते हुए शुभेंदु मुख्यमंत्री बनने के बाद अपनी पहली दीवाली बीएसएफ जवानों के साथ मनाने के लिए सीमा पर स्थित बीएसएफ कैंप पहुंचे। उनके साथ राज्य के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) सिद्धिनाथ गुप्ता भी मौजूद थे।
मुख्यमंत्री ने वहां बीएसएफ जवानों व अधिकारियों से मुलाकात और दीवाली की शुभकामनाएं देने के साथ उन्हें मिठाइयां भी खिलाईं। हिंगलाज सीमा चौकी में मुख्यमंत्री ने प्रहरी सम्मेलन में भी हिस्सा लिया। इस दौरान बीएसएफ के दक्षिण बंगाल फ्रंटियर के महानिरीक्षक (आईजी) दलजीत सिंह, आइपीएस सहित बल के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।
इस मौके पर जवानों को संबोधित करते हुए शुभेंदु ने पूर्ववर्ती तृणमूल कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में बीएसएफ के साथ हुए व्यवहार के लिए मुख्यमंत्री की हैसियत से माफी मांगी।
शुभेंदु ने कहा कि पिछली सरकार ने बीएसएफ और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के प्रति जिस तरह की भाषा और व्यवहार का इस्तेमाल किया, वह उचित नहीं था। मुख्यमंत्री ने जवानों को दीवाली की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि बंगाल सरकार की ओर से वह पूरे हृदय से उनका अभिनंदन करते हैं।

देश और सीमा की सुरक्षा सर्वोपरि
शुभेंदु ने कहा कि अब पीछे की बातों को छोड़कर आगे बढ़ने का समय है। देश को सुरक्षित रखना और सीमाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करना हमारी प्राथमिकता है। उन्होंने स्वामी विवेकानंद के संदेश 'चरैवेति-चरैवेति' का उल्लेख करते हुए आगे बढ़ते रहने का आह्वान किया।
मुख्यमंत्री ने मई में राज्य में सत्ता परिवर्तन के बाद भारत-बांग्लादेश सीमा पर बाड़ लगाने के लिए जमीन उपलब्ध कराने के मुद्दे का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि बिना बाड़ वाले करीब 600 किलोमीटर के क्षेत्र में सीमा सुरक्षा से जुड़े काम के लिए जमीन उपलब्ध कराने में पहले दिक्कतें आई थीं।

शुभेंदु का आरोप- पिछली सरकार ने बाड़ लगाने के लिए बीएसएफ को जमीन नहीं दी
मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार की ओर से बार-बार प्रयास किए जाने के बावजूद पिछली तृणमूल सरकार के असहयोग के चलते बीएसएफ को बाड़ लगाने के लिए जमीन नहीं मिल पाई थी। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार के कार्यकाल में केंद्र के साथ बेहतर समन्वय स्थापित हुआ है और इस दिशा में कई कदम उठाए गए हैं।
उन्होंने दावा किया कि बीएसएफ को सीमा पर कंटीले बाड़ लगाने व अन्य बुनियादी ढांचे के लिए अधिकांश जमीन उपलब्ध करा दिए गए हैं। आने वाले दिनों में भी सीमा सुरक्षा को मजबूत करने के लिए मिलकर काम किया जाएगा।
बीएसएफ जवानों के साथ दिवाली से मनाने के बाद मुख्यमंत्री हिंगलगंज थाने के पास काली पूजा पंडाल भी गए। इसके बाद हेलीकाप्टर से कोलकाता लौटे। शाम को मुख्यमंत्री के अपने गृह जिले पूर्व मेदिनीपुर के नंदीग्राम में कई कालीपूजा आयोजनों में शामिल होने का कार्यक्रम है।
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