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बंगाल उपचुनाव: रेजीनगर सीट से निर्दलीय उम्मीदवार गिरफ्तार, 5 साल पुराने मामले में पुलिस का एक्शन

Published: Sun, 20 Sep 2026 08:10 AM (IST)

रेजीनगर उपचुनाव से निर्दलीय उम्मीदवार शफीउल इस्लाम को एक पुराने मामले में गिरफ्तार किया गया है, जबकि कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान भी नंदीग्राम से गिरफ्तार हुए हैं।

बंगाल में निर्दलीय उम्मीदवार की गिरफ्तारी।

बंगाल में निर्दलीय उम्मीदवार की गिरफ्तारी।

HighLights

  1. रेजीनगर उपचुनाव से निर्दलीय उम्मीदवार शफीउल इस्लाम गिरफ्तार।

  2. पुलिस ने 2016 के पुराने मामले में की गिरफ्तारी।

  3. एजेयूपी ने गिरफ्तारी को राजनीतिक रूप से प्रेरित बताया।

डिजिटल डेस्क, कोलकाता। नंदीग्राम सीट से कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान की गिरफ्तारी के एक दिन बाद पुलिस ने शनिवार को रेजीनगर विधानसभा सीट से निर्दलीय उम्मीदवार शफीउल इस्लाम को एक पुराने मामले में गिरफ्तार किया।

शफीउल इस्लाम ने 6 अक्टूबर को होने वाले रेजीनगर उपचुनाव के लिए 14 सितंबर को निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर नामांकन पत्र दाखिल किया था। पुलिस ने बताया कि उन्हें मुर्शिदाबाद जिले के डोमकल से नौदा पुलिस ने गिरफ्तार किया। उन्हें रविवार को कोर्ट में पेश किया जाएगा। उनका घर नौदा पुलिस स्टेशन के अंतर्गत बटुकनाथपुर गांव में है।

किस मामले में हुई गिरफ्तारी

पुलिस के मुताबिक, 2026 के विधानसभा चुनावों से पहले, नौदा के पटिकाबारी इलाके में आम जनता उन्नयन पार्टी (AJUP) और तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ताओं के बीच बड़ी झड़प हुई थी। शफीउल इस्लाम को उस मामले में आरोपी बनाया गया था और वह कथित तौर पर फरार चल रहे थे।

हालांकि, एजेयूपी नेताओं का दावा है कि यह गिरफ्तारी राजनीतिक कारणों से की गई है। उन्होंने कहा कि भले ही शफीउल ने निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर नामांकन दाखिल किया हो लेकिन असल में वह पार्टी के नौदा ब्लॉक अध्यक्ष हैं। एजेयूपी विधायक हुमायूं कबीर के बेटे गोलम नबी आजाद उर्फ रॉबिन रेजीनगर से पार्टी उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ रहे हैं।

हुमायूं कबीर की पार्टी ने क्या आरोप लगाया?

पार्टी सूत्रों ने बताया कि शफीउल को रणनीतिक कारणों से रॉबिन के डमी उम्मीदवार के तौर पर मैदान में उतारा गया था, ताकि अगर मुख्य उम्मीदवार का नामांकन रद भी हो जाए तो भी पार्टी का चुनाव चिह्न मैदान में बना रहे।

गिरफ़्तारी पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए रॉबिन ने कहा, "चुनाव ऐसे नहीं लड़े जा सकते। चुनाव की घोषणा होते ही एक के बाद एक पार्टी कार्यकर्ताओं को पुराने झूठे मामलों में गिरफ्तार किया जा रहा है। लोग हमारे लिए वोट करने की उम्मीद कैसे करेंगे? यह विपक्ष को डराने-धमकाने की एक चाल है।" उन्होंने आगे कहा कि डमी उम्मीदवार एक आम चुनावी रणनीति है और शफीउल की गिरफ्तारी से पता चलता है कि सत्ताधारी पार्टी डरी हुई है।

कांग्रेस उम्मीदवार की गिरफ्तारी

शुक्रवार को पुलिस ने कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान को नंदीग्राम उपचुनाव से जुड़े चार पुराने मामलों में गिरफ्तार किया। यह उपचुनाव भी 6 अक्टूबर को होना है। उनका नाम 2007 में नंदीग्राम आंदोलन के दौरान हुए एक हत्या के मामले से जुड़ा था। उन्हें हल्दिया कोर्ट में पेश किया गया और अदालत ने 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश दिया।

भारतीय जनता पार्टी (BJP) के प्रवक्ता देबजीत सरकार ने कहा, "अगर कोई पुराना मामला है और जमानत नहीं ली गई है तो गिरफ्तारी तो होगी ही। इसमें कोई कुछ नहीं कर सकता।"

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