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TMC के 10 बागी विधायकों को नोटिस, बंगाल विधानसभा सचिवालय ने मांगा जवाब

Published: Wed, 16 Sep 2026 03:00 PM (IST)

पश्चिम बंगाल विधानसभा सचिवालय ने तृणमूल कांग्रेस के 10 बागी विधायकों को अयोग्य ठहराने की याचिका पर नोटिस जारी किया है

मंगलवार को नोटिस जारी कर एक हफ्ते के भीतर जवाब मांगा

मंगलवार को नोटिस जारी कर एक हफ्ते के भीतर जवाब मांगा

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राज्य ब्यूरो, कोलकाता। बंगाल विधानसभा सचिवालय ने तृणमूल कांग्रेस के बागी खेमे से जुड़े 10 सदस्यों को मंगलवार को नोटिस जारी कर एक हफ्ते के भीतर जवाब मांगा है। यह नोटिस ममता बनर्जी नीत गुट की ओर से दायर उस याचिका पर जारी किया गया है, जिसमें उन्हें विधायक के रूप में अयोग्य ठहराए जाने का अनुरोध किया गया है।

इस कदम ने पार्टी पर नियंत्रण को लेकर दोनों गुटों के बीच जारी तीखी लड़ाई को औपचारिक कार्यवाही में बदल दिया है।

विधायकों को नोटिस जारी

विधानसभा सचिवालय की ओर से जिन विधायकों को नोटिस जारी किया गया है, उनमें सदन में विपक्ष के नेता ऋतब्रत बनर्जी के अलावा अरूप राय, फिरहाद हकीम, संदीपन साहा, मुख्य सचेतक अखरुजमान अंसारी, शिउली साहा, सबीना यास्मीन, बिप्लब मित्रा, जावेद खान और रथिन घोष शामिल हैं।

विधानसभा सूत्रों ने बताया कि इन विधायकों से सात दिन के भीतर जवाब देने के लिए कहा गया है।

पार्टी करेगी चर्चा

बागी गुट के विधायक अखरुजमान अंसारी ने मंगलवार रात विधानसभा सचिवालय से नोटिस मिलने की पुष्टि की। उन्होंने कहा कि हम पार्टी के भीतर इस मामले पर चर्चा करेंगे और समय पर उचित जवाब देंगे।

यह घटनाक्रम बंगाल विधानसभा में विपक्ष के नेता के पद के लिए ममता गुट के उम्मीदवार शोभनदेब चट्टोपाध्याय के ऋतब्रत और उनके नेतृत्व वाले गुट के नौ अन्य नेताओं को विधायक के रूप में अयोग्य ठहराने के अनुरोध को लेकर सुप्रीम कोर्ट का रुख करने के एक दिन बाद सामने आया है।

अयोग्य ठहराने की मांग

चट्टोपाध्याय ने सात जुलाई को विधानसभा अध्यक्ष रथींद्र बोस को पत्र लिखकर बागी गुट के 10 सदस्यों को विधायक के रूप में अयोग्य ठहराने की मांग की थी। उन्होंने आरोप लगाया था कि इन विधायकों ने पार्टी के हितों के खिलाफ काम किया है।

विपक्ष के नेता की नियुक्ति का मामला पहले से ही कलकत्ता उच्च न्यायालय में लंबित है, जहां चट्टोपाध्याय ने ऋतब्रत को इस पद के लिए मान्यता देने के विधानसभा अध्यक्ष के फैसले को चुनौती दी है।

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