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TMC में असली-नकली की लड़ाई, ममता गुट ने ऋतब्रत बनर्जी दल के खिलाफ दर्ज कराई शिकायत

Published: Sun, 28 Jun 2026 12:04 AM (IST)Updated: Sun, 28 Jun 2026 12:06 AM (IST)

ममता गुट ने तृणमूल कांग्रेस के नाम और चुनाव चिह्न के अवैध इस्तेमाल को लेकर ऋतब्रत बनर्जी गुट के खिलाफ कोलकाता में दो पुलिस शिकायतें दर्ज कराई हैं।

TMC में पार्टी के नाम और चुनाव चिह्न की लड़ाई (फोटो-पीटीआई)

TMC में पार्टी के नाम और चुनाव चिह्न की लड़ाई (फोटो-पीटीआई)

HighLights

  1. ममता गुट ने ऋतब्रत बनर्जी गुट पर पुलिस शिकायत दर्ज कराई।

  2. पार्टी नाम, चुनाव चिह्न के अवैध इस्तेमाल का आरोप।

  3. 21 जुलाई शहीद दिवस रैली को लेकर भी टकराव।

राज्य ब्यूरो, कोलकाता। बंगाल में तृणमूल कांग्रेस के भीतर जारी राजनीतिक टकराव अब कानूनी लड़ाई तक पहुंच गया है। ममता गुट ने पार्टी के नाम और चुनाव चिह्न के अवैध इस्तेमाल का आरोप लगाते हुए ऋतब्रत बनर्जी गुट के खिलाफ पुलिस में दो अलग-अलग शिकायतें दर्ज कराई हैं।

शिकायतों में जालसाजी, धोखाधड़ी, आपराधिक साजिश, फर्जी दस्तावेज तैयार करने, अवैध बैठकें आयोजित करने, मीडिया में भ्रामक जानकारी फैलाने तथा पार्टी के महत्वपूर्ण दस्तावेजों की कथित तस्करी जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं।ने 

ममता गुट ने ऋतब्रत बनर्जी गुट के खिलाफ दर्ज कराई शिकायत

पार्टी सूत्रों के अनुसार, शिकायतें कालीघाट थाना और साल्टलेक के एक थाने में दर्ज कराई गई हैं। ममता गुट का आरोप है कि ऋतब्रत गुट बिना किसी वैधानिक अधिकार के तृणमूल कांग्रेस के नाम और चुनाव चिह्न का उपयोग कर रहा है।

बता दें कि ऋतब्रत ने टीएमसी के 80 विधायकों में से 60 को लेकर अपना नया गुट बना लिया है। उन्हें विधानसभा से विरोधी दल के नेता की मान्यता भी मिल गई है।

इस बीच 21 जुलाई के शहीद दिवस समारोह को लेकर भी दोनों गुट आमने-सामने आ गए हैं। ममता गुट ने हर वर्ष की तरह धर्मतला स्थित विक्टोरिया हाउस के सामने सभा आयोजित करने की अनुमति के लिए कोलकाता पुलिस को आवेदन दिया है।

दूसरी ओर, ऋतब्रत गुट ने भी खुद को असली तृणमूल बताते हुए उसी स्थान पर रैली की अनुमति मांगते हुए पुलिस आयुक्त को पत्र भेजा है।

गौरतलब है कि 21 जुलाई 1993 को कोलकाता में तत्कालीन युवा कांग्रेस नेता ममता बनर्जी नेतृत्व में राज्य सचिवालय अभियान के दौरान पुलिस की गोलीबारी में 13 कार्यकर्ताओं की मौत हो गई थी।

1998 में टीएमसी के गठन के बाद पार्टी ने इन 13 मृतकों की स्मृति में 21 जुलाई को अपना वार्षिक शहीद दिवस बनाना शुरू किया। तब से हर वर्ष कोलकाता में बड़ी रैली आयोजित की जाती है।

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