जागरण संवाददाता, कोलकाता : मां काली की नगरी कोलकाता समेत राज्यभर के मंदिरों में बाग्ला नववर्ष पर लोगों की भारी भीड़ उमड़ गई। उन्होंने पूजा-अर्चना कर शांति व समृद्धि की कामना की। सोमवार को कालीघाट मंदिर परिसर में सुबह से ही श्रद्धालुओं की लंबी कतारें देखने को मिलीं। वहीं दक्षिणेश्वर के विख्यात काली मंदिर, वीरभूम के तारापीठ समेत अन्य मंदिरों में प्रात:काल से ही श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। दक्षिणेश्वर मंदिर के कपाट प्रात: 5.30 बजे खोले गए, जिसके बाद सुबह 10 बजे तक मा काली की पूजा के लिए श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लगी रहीं। इसमें हर आयु वर्ग के लोग शामिल रहे। इस दौरान पुरुष धोती-कुर्ता व महिलाएं लाल धारी वाली चमकती सफेद साड़ी जैसे पारंपरिक बंगाली परिधान में नजर आईं। बैसाख माह की शुरुआत के साथ ही बाग्लाभाषी लोगों के नए साल की शुरुआत होती है। इस दिन प्रत्येक बांग्लाभाषी के घर में मीठे पकवान बनाए जाते हैं और पड़ोस के लोगों को भी खिलाया जाता है। व्यवसायी अपने पुराने बही खाते की जगह नए बही खाते के पूजा पाठ के साथ कारोबार की शुरुआत करते हैं। सुबह से ही पुरोहित शख व घटी लेकर पूजा कराते नजर आए। इस मौके पर लोग अपने रिश्तेदारों के घर भी शुभकामनाओं का आदान-प्रदान करने पहुंचे। इस बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बंगाल के लोगों को बांग्ला नववर्ष की शुभकामनाएं दीं। पीएम नरेंद्र मोदी ने बंगाली समुदाय को शुभकामना देते हुए ट्वीट किया-'शुभ नबो बर्षो! मैं प्रार्थना करता हूं कि नया साल आनंद से भरा हो। सभी को अच्छे स्वास्थ्य का आशीर्वाद मिले।' वहीं मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भी सोशल मीडिया पर लोगों का अभिवादन किया। इसके अलावा केंद्रीय राज्य मंत्री बाबुल सुप्रियो ने भी बांग्ला नववर्ष पर राज्यवासियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा-'आप सभी को बांग्ला नववर्ष की हार्दिक शुभकामनाएं। नया साल लोगों के लिए सुरक्षा, स्वास्थ्य व खुशिया लेकर आए।'

Posted By: Jagran

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