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बंगाल: बिना ट्रांजिट रिमांड सेना के जवान को ले जाने की कोशिश, एयरपोर्ट पर रोके जाने के बाद कोर्ट में हुई पेशी

Published: Mon, 02 Nov 2026 07:33 PM (IST)

आईएसआई एजेंट को सूचना देने के आरोप में गिरफ्तार सेना के जवान राजबीर सिंह को पंजाब पुलिस बिना ट्रांजिट रिमांड ...और पढ़ें

आरोपित सेना का जवान। फाइल फोटो

आरोपित सेना का जवान। फाइल फोटो

जागरण संवाददाता, सिलीगुड़ी । आईएसआई एजेंट को सूचनाएं देने के आरोप में गिरफ्तार सेना के जवान राजबीर सिंह को पंजाब के फाजिल्का जिले के फाजिल्का थाने और स्टेट स्पेशल ऑपरेशन सेल की टीम ने बिना ट्रांजिट रिमांड के ही पंजाब ले जाने की कोशिश की थी।

ऑपरेशन इतना गोपनीय था कि अलीपुरद्वार जिले के हांसीमारा से जब जवान को गिरफ्तार किया गया, उस समय स्थानीय पुलिस और खुफिया एजेंसियों को भी इसकी भनक नहीं दी गई। पर, जब आरोपित को लेकर टीम बागडोगरा एयरपोर्ट पहुंची तो वहां पर सुरक्षा कर्मियों ने टीम को रोक दिया, कहा कि बिना ट्रांजिट रिमांड कैसे ले जा रहे हैं।

इसके बाद पुलिस आरोपित को लेकर सिलीगुड़ी कोर्ट गई, वहां से ट्रांजिट रिमांड लेने के बाद पंजाब जा सकी। स्थानीय पुलिस को जानकारी दिए बगैर आरोपित को पंजाब ले जाने के प्रश्न पर अलीपुरद्वार जिला पुलिस के एसपी अमित कुमार साव ने बताया कि मामले को देखा जा रहा है। वह भी पूरे मामले की खोज खबर ले रहे हैं।

दरअसल, पंजाब पुलिस ने 29 अक्टूबर को दोपहर करीब साढ़े 12 बजे हासीमारा से सेना के जवान राजबीर सिंह को गिरफ्तार किया था। इसके उसे 30 अक्टूबर पंजाब ले जाने के लिए पुलिस आरोपित को लेकर बागडोगरा एयरपोर्ट गई थी।

यहां एयरपोर्ट पर सुरक्षा की जिम्मेदारी संभाल रहे अधिकारियों व जवानों ने जब देखा कि एक व्यक्ति को पकड़कर कुछ लोग ले जा रहे हैं, तब उन्होंने पूछताछ व संबंधित कागजों की जानकारी लेनी शुरू कर दी।

टीम ने बताया कि देश की सुरक्षा से जुड़ी खुफिया जानकारी लीक करने के आरोप में उसे ले जाया जा रहा है। तब सुरक्षा अधिकारियों ने कोर्ट से संबंधित कागजों की मांग की। दो टूक कह दिया कि उनके बगैर यहां से आरोपित को हवाई जहाज से नहीं ले जाने दिया जाएगा।

तब पंजाब पुलिस की टीम आरोपित को लेकर आनन-फानन सिलीगुड़ी कोर्ट लाई। इसके बाद ट्रांजिट रिमांड पर लेकर वापस गई।

गिरफ्तारी के 24 घंटे के अंदर कोर्ट में पेशी अनिवार्य

सिलीगुड़ी महकमा कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता अत्री शर्मा ने बताया कि किसी भी आरोपित की गिरफ्तारी होने पर पुलिस को 24 घंटे के भीतर संबंधित क्षेत्र के मजिस्ट्रेट के समक्ष आरोपित को पेश करना पड़ता है।

यदि दूरी अधिक हो और 24 घंटे के भीतर मजिस्ट्रेट के सामने पेश करना संभव न हो, तो जिस क्षेत्र से व्यक्ति की गिरफ्तारी हुई है, वहां के कोर्ट में उसे पेश कर पूरी जानकारी देनी होगी। आरोपित को किस मामले और किन तथ्यों के आधार पर पकड़ा, यह भी बताना होता है।

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