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बंगाल में आरामबाग उत्सव का बदला नाम, अब हुआ 'अटल आरामबाग उत्सव'

Published: Thu, 29 Oct 2026 04:13 PM (IST)

बंगाल में आरामबाग नगरपालिका के वार्षिक उत्सव का नाम बदलकर 'अटल आरामबाग उत्सव' कर दिया गया है।

आरामबाग उत्सव का बदला नाम।

आरामबाग उत्सव का बदला नाम।

राज्य ब्यूरो, कोलकाता। बंगाल में सत्ता परिवर्तन के बाद विभिन्न सरकारी योजनाओं और आयोजनों के नाम बदलने की प्रक्रिया के बीच अब हुगली जिले की आरामबाग नगरपालिका के वार्षिक उत्सव का नाम भी बदल दिया गया है। आरामबाग उत्सव की जगह अब यह आयोजन ‘अटल आरामबाग उत्सव’ के नाम से होगा।

पूर्व प्रधानमंत्री और भारत रत्न दिवंगत अटल बिहारी वाजपेयी के नाम पर उत्सव का नामकरण करने और इसके बैनर पर उनकी तस्वीर लगाने को लेकर इलाके में राजनीतिक बहस शुरू हो गई है। माकपा ने इस फैसले पर आपत्ति जताई है, जबकि उत्सव कमेटी के अध्यक्ष व भाजपा विधायक हेमंत बाग और कमेटी के सदस्य व विधायक विमान घोष ने इसे उचित ठहराया है।

आरामबाग नगरपालिका की ओर से हर साल आयोजित होने वाले इस उत्सव का औपचारिक उद्घाटन 25 दिसंबर को अटल बिहारी वाजपेयी के जन्मदिवस के अवसर पर किया जाएगा। हालांकि, उत्सव से जुड़ी खेल और सांस्कृतिक गतिविधियां एक नवंबर से ही शुरू हो जाएंगी। इस दौरान तैराकी प्रतियोगिता सहित विभिन्न खेल और सांस्कृतिक आयोजन होंगे। प्रतियोगिताओं के विजेताओं को मुख्य समारोह के मंच पर सम्मानित किया जाएगा।

लगभग चार दशक पुराना है उत्सव

आरामबाग उत्सव स्थानीय स्तर पर सांस्कृतिक कार्यक्रमों, मेले और खेल प्रतियोगिताओं के लिए जाना जाता है। इसका आयोजन आरामबाग हाईस्कूल मैदान में किया जाता रहा है। लगभग चार दशक पुराने आरामबाग उत्सव का इस बार 40वां आयोजन वर्ष होगा। इसकी शुरुआत 1987 में हुई थी।
पिछले आयोजनों में स्थानीय कलाकारों के साथ बाहरी कलाकारों के कार्यक्रम, विभिन्न खेल प्रतियोगिताएं और मेले में दुकानें प्रमुख आकर्षण रहे हैं। इस बार भी खेल और सांस्कृतिक गतिविधियों के जरिए उत्सव को व्यापक स्वरूप देने की तैयारी है। नाम बदलने के बाद इस आयोजन को लेकर राजनीतिक चर्चा भी तेज हो गई है।

नामकरण को लेकर राजनीतिक विवाद

माकपा की आरामबाग एरिया कमेटी के सचिव सुशांत मंडल ने उत्सव का नाम बदलने पर आपत्ति जताई है। उनका कहना है कि सांस्कृतिक उत्सव सभी लोगों का होता है और इसे किसी एक राजनीतिक दल से जोड़ना उचित नहीं है। उनके अनुसार, ऐसे आयोजनों में सभी वर्गों की भागीदारी होती है, इसलिए इन्हें राजनीतिक रंग से दूर रखा जाना चाहिए।

वहीं, उत्सव कमेटी के अध्यक्ष और विधायक हेमंत बाग ने फैसले का बचाव करते हुए कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी देश के प्रधानमंत्री रहे थे, इसलिए उनके नाम पर उत्सव आयोजित करने में विवाद की कोई बात नहीं है। उन्होंने विपक्ष पर अनावश्यक विवाद खड़ा करने का आरोप लगाया। कमेटी के सदस्य और पुरशुड़ा के विधायक विमान घोष ने बताया कि उत्सव का नाम बदलने का फैसला समिति की बैठक में लिया गया है। उनके अनुसार, इसी निर्णय के तहत आयोजन का नया नाम रखा गया है।

पार्षदों के बिना बनी नई समिति

तृणमूल कांग्रेस शासित आरामबाग नगरपालिका के निर्वाचित बोर्ड के भंग होने के बाद फिलहाल नगरपालिका का कामकाज प्रशासक के अधीन है। इस बार उत्सव के आयोजन के लिए विभिन्न वर्गों के लोगों को शामिल करते हुए नई समिति बनाई गई है, जिसमें पार्षदों को शामिल नहीं किया गया है। उत्सव की तैयारियों को लेकर 31 अक्टूबर को बैठक बुलाई गई है।

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