भवानीपुर में कल अमित शाह का रोड शो, सुवेंदु अधिकारी दाखिल करेंगे नामांकन
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह गुरुवार को कोलकाता के भवानीपुर में भाजपा प्रत्याशी सुवेंदु अधिकारी के नामांकन में शामिल होंगे। ...और पढ़ें

ममता के घर में शाह का रोड शो (फोटो-पीटीआई)
HighLights
अमित शाह भवानीपुर में सुवेंदु अधिकारी के नामांकन में होंगे शामिल।
यह रोड शो बंगाल चुनाव में भाजपा का शक्ति प्रदर्शन दर्शाता है।
भवानीपुर मुकाबला बंगाल की सत्ता के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।
राज्य ब्यूरो, जागरण, कोलकाता। बंगाल विधानसभा चुनाव का सबसे हाई-प्रोफाइल मुकाबला कोलकाता के भवानीपुर में हो रहा है। दक्षिण कोलकाता की भवानीपुर सीट, जिसे मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का अभेद्य दुर्ग माना जाता है, वहां इस बार लड़ाई केवल एक विधानसभा क्षेत्र की नहीं, बल्कि बंगाल की सत्ता की भी है।
भवानीपुर से भाजपा प्रत्याशी सुवेंदु अधिकारी के गुरुवार को होने वाले नामांकन में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का स्वयं शामिल होना बंगाल की राजनीति में एक बड़ा दुर्लभ संकेत माना जा रहा है। सुवेंदु के नामांकन में शामिल होने के लिए बुधवार की रात को ही शाह कोलकाता पहुंच सकते हैं।
ममता के घर में शाह का रोड शो
आमतौर पर भाजपा राज्यों में सामूहिक नेतृत्व में चुनाव लड़ती है और मुख्यमंत्री पद के चेहरे की घोषणा से बचती है। लेकिन गुरुवार, यानी दो अप्रैल को अमित शाह का भवानीपुर की गलियों में उतरना और सुवेंदु अधिकारी के नामांकन का हिस्सा बनना, प्रदेश भाजपा के भीतर शक्ति संतुलन के बदलाव की कहानी कह रहा है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि पार्टी के शीर्ष नेतृत्व ने सुवेंदु को राज्य के सबसे कद्दावर नेता के रूप में अपनी मुहर लगा दी है। नंदीग्राम में ममता बनर्जी को मात देने वाले 'भूमिपुत्र' सुवेंदु को भवानीपुर और नंदीग्राम—दोनों सीटों से चुनाव लड़ाने की अनुमति देना ही इस बात का प्रमाण था कि वे पार्टी के लिए 'अनिवार्य' हो चुके हैं।
नामांकन के पीछे छिपा बड़ा राजनीतिक संदेश
अमित शाह का किसी प्रत्याशी के नामांकन में व्यक्तिगत रूप से शामिल होना एक 'दुर्लभ' घटना है। इसका पहला निहितार्थ यह है कि भाजपा इस चुनाव को 'ममता बनाम सुवेंदु' के तौर पर देख रही है। दूसरा, यह दक्षिण कोलकाता में तृणमूल के उस प्रभाव को चुनौती देने की कोशिश है, जहां दीदी का सिक्का चलता है।
सुकांत मजूमदार जैसे दिग्गजों की उपस्थिति और केंद्रीय नेतृत्व का खुला समर्थन यह दर्शाता है कि सुवेंदु अब केवल एक प्रत्याशी नहीं, बल्कि बंगाल में भाजपा के 'बड़ा चेहरा' बन चुके हैं।
तृणमूल की चुनौती और भाजपा का शक्ति प्रदर्शन
जहां तृणमूल इसे भाजपा का 'डर' बता रही है, वहीं भाजपा इसे 'परिवर्तन' का संकल्प कह रही है। तृणमूल की राज्यसभा सदस्य डोला सेन का कहना है कि बंगाल की जनता केवल 'दीदी' को जानती है। भाजपा की रणनीति स्पष्ट है—वे सुवेंदु के चेहरे को आगे रखकर यह संदेश देना चाहते हैं कि उनके पास एक ऐसा योद्धा है जो ममता की आंखों में आंखें डालकर न केवल बात कर सकता है, बल्कि उन्हें उनके घर में पटखनी देने का माद्दा भी रखता है।
यदि सुवेंदु भवानीपुर में कोई बड़ा उलटफेर करने में सफल रहते हैं, तो भाजपा के भीतर उनके मुख्यमंत्री पद की दावेदारी निर्विवाद हो जाएगी। गुरुवार का रोड शो केवल नामांकन की औपचारिकता नहीं, बल्कि 2026 की सत्ता का ट्रेलर होने जा रहा है।
