यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 06, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
गंगोपाध्याय के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट जाएंगे अभिषेक बनर्जी, ममता के भतीजे का दावा- पक्षपात पूर्ण थे पूर्व जज द्वारा दिए गए निर्देश
अभिषेक का तर्क है कि मंगलवार को अभिजीत गंगोपाध्याय ने कहा था कि वह पिछले कुछ दिनों से भाजपा के ...और पढ़ें

राज्य ब्यूरो, कोलकाता। तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी कलकत्ता हाई कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश अभिजीत गंगोपाध्याय के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का रुख करने जा रहे हैं। दरअसल अभिषेक पिछले दो वर्षों में अभिजीत गंगोपाध्याय द्वारा दिए गए निर्देशों के खिलाफ रिट पिटिशन दाखिल करेंगे।
अभिषेक का तर्क है कि मंगलवार को अभिजीत गंगोपाध्याय ने कहा था कि वह पिछले कुछ दिनों से भाजपा के संपर्क में थे। इससे साबित होता है कि पूर्व न्यायाधीश द्वारा दिए गए निर्देश पक्षपात पूर्ण थे। बता दें कि मंगलवार को अभिजीत गंगोपाध्याय ने स्पष्ट किया है कि वह सात मार्च को भाजपा में शामिल होने जा रहे हैं। बता दें कि पूर्व न्यायाधीश ने कोयला तस्करी मामला, शिक्षक भर्ती घोटाला, पालिका भर्ती घोटाला जैसे भ्रष्टाचार से जुड़े कई मामलों में अभिषेक बनर्जी व बंगाल सरकार के खिलाफ निर्देश दिए हैं।
यह सब राजनीतिक उद्देश्यों से किया गया
अभिषेक बनर्जी के वकील संजय बोस ने कहा कि एक राजनीतिक पार्टी में शामिल होने की घोषणा के बाद अब यह स्पष्ट है कि यह सब राजनीतिक उद्देश्यों से किया गया है। मीडिया को साक्षात्कार देने से लेकर निर्देश तक के पीछे सुनियोजित राजनीतिक लक्ष्य थे। उन्होंने कहा कि अर्जी में कहा जाएगा कि पिछले दो सालों में अभिजीत द्वारा जज के तौर पर विभिन्न मामलों में दिए गए निर्देशों पर पुनर्विचार किया जाए।
परिवार के खिलाफ भी जांच हुई शुरू
संजय ने कहा कि सिर्फ अभिषेक ही नहीं, बल्कि उनके परिवार के खिलाफ भी जांच शुरू हो गई है। अभिषेक के वकील ने कहा कि उन जांचों पर भी रोक की मांग की जाएगी जो सीबीआइ या ईडी कर रही है। अभिषेक के वकील ने यह भी दावा किया कि जज के रूप में अपने छह साल के कार्यकाल के दौरान अभिजीत ने बहुत कम फैसले दिए हैं। 2024 में उन्होंने 531 निर्देश दिए गए, लेकिन एक भी फैसला नहीं दिया।