'BJP से नहीं, सुप्रीम कोर्ट से हारी तृणमूल', अभिषेक बनर्जी ने लगाए गंभीर आरोप
तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी ने 2026 के बंगाल विधानसभा चुनाव में पार्टी की हार के लिए भाजपा के बजाय सुप्रीम कोर्ट को जिम्मेदार ठहराया है।

अभिषेक बनर्जी।
HighLights
अभिषेक बनर्जी ने 2026 चुनाव हार के लिए सुप्रीम कोर्ट को दोषी ठहराया।
चुनाव आयोग पर धांधली और न्यायिक प्रक्रिया में असमानता का आरोप लगाया।
मतगणना प्रक्रिया पर सवाल उठाए, ईवीएम फुटेज सार्वजनिक करने की मांग।
राज्य ब्यूरो, कोलकाता। तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी ने 2026 के बंगाल विधानसभा चुनाव में पार्टी की हार के लिए भाजपा के बजाय सुप्रीम कोर्ट को जिम्मेदार ठहराते हुए विवादित बयान दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा और चुनाव आयोग ने खुलेआम चुनाव में धांधली की और यह सब सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में होने के बावजूद कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई।
अभिषेक ने दावा किया कि अदालत के निर्देशों का भी पालन नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि सरकार या चुनाव आयोग उनके खिलाफ कार्रवाई करे, वह खुद सुप्रीम कोर्ट में पेश होकर अपना पक्ष रखेंगे।
अभिषेक ने मतगणना की प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए। उनके मुताबिक, चार मई को मतगणना से पहले दो मई को सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र और राज्य के अधिकारियों की रैंडमाइजेशन प्रक्रिया के तहत तैनाती का निर्देश दिया था, लेकिन किसी राज्य सरकारी अधिकारी को गणना केंद्र में तैनात नहीं किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि इस बार कई दौर की गिनती के बाद भी परिणाम की स्थिति स्पष्ट नहीं हुई।
साथ ही मतगणना केंद्रों के सीसीटीवी फुटेज सार्वजनिक करने की मांग की और सवाल किया कि चुनाव के बाद ईवीएम क्यों जलाई गईं। अपने निजी सहायक सुमित राय की गिरफ्तारी का जिक्र करते हुए अभिषेक ने आरोप लगाया कि उन्हें फर्जी मुठभेड़ में मारने की धमकी दी गई है।
उनका दावा है कि इस संबंध में फेसबुक पर पोस्ट अब भी मौजूद है। उन्होंने बंगाल को पुलिस राज्य में बदलने का आरोप लगाया और कुछ न्यायाधीशों पर तबादले की आशंका दिखाकर दबाव बनाए जाने की बात कही।
अभिषेक ने न्यायिक प्रक्रिया में कथित असमानता का मुद्दा भी उठाया। उनका कहना था कि एक रिट याचिका दाखिल करने के लिए उन्हें हाई कोर्ट से सुप्रीम कोर्ट तक तीन महीने इंतजार करना पड़ा, जबकि अडानी से जुड़े मामले में एक घंटे के भीतर सुनवाई सूचीबद्ध करने का निर्देश मिल गया। इन आरोपों के जरिए उन्होंने चुनाव आयोग और न्यायपालिका की भूमिका पर सवाल उठाते हुए भाजपा पर देश को विभाजित करने का आरोप लगाया।