जागरण संवाददाता, कोलकाता। अर्थशास्त्र के लिए नोबल पुरस्कार पाने वाले अभिजीत बनर्जी ने बुधवार को बंगाल से ही अन्य नोबल पदक जयी अम‌र्त्य सेन की पूर्व पत्नी उपन्यासकार नवनीता देव सेन से उनके घर जाकर मुलाकात की। अभिजीत वहां करीब 45 मिनट तक ठहरे। दोनों के बीच काफी बातचीत हुई। अभिजीत ने ही उनसे मुलाकात करने की इच्छा जाहिर की थी।

जानकारी के मुताबिक 81 वर्षीया नवनीता अभिजीत पर कविता भी लिख रही हैं। अभिजीत इस दिन बालीगंज के सप्तपर्णी आवासन स्थित अपने घर से पास में ही स्थित नवनीता के घर पहुंचे। वहां से निकलकर वे सीधे गरियाहाट पहुंचे और वहां की एक मशहूर दुकान से कई साडि़यां खरीदी। अभिजीत के भाई अनिरुद्ध ने पहले ही बताया था कि मुलाकात होने पर ही हम एक-दूसरे को उपहार देते हैं। अभिजीत बनर्जी जहां-जहां भी गए, उनके पीछे पुलिस का दस्ता चलता रहा। अभिजीत ने अपनी सुरक्षा में तैनात पुलिसकर्मियों को स्पष्ट निर्देश दे रखा था कि उन्हें मीडिया परेशान न करे इसलिए पुलिसकर्मी हर वक्त उन्हें घेरे हुए थे।

इस दिन प्रसिडेंसी विवि के पूर्व छात्र अभिजीत के घर पहुंचे और उनसे मुलाकात की। पूर्व छात्रों के संगठन की ओर से अभिजीत को नोबेल जयी अतुल चंद्र गुप्त के नाम पर पुरस्कार देने की बात कही गई। अगले साल जनवरी में उन्हें इससे सम्मानित किया जाएगा। सप्तपर्णी आवासन की ओर से भी अभिजीत के लिए छोटे से अभिनंदन समारोह का आयोजन किया गया।

अभिजीत बनर्जी का कोलकाता में भव्य स्वाग

अर्थशास्त्र के लिए नोबेल पदक जीतने वाले अभिजीत बनर्जी का कोलकाता में भव्य स्वागत किया गया। नई दिल्ली से मंगलवार रात करीब आठ बजे महानगर पहुंचे अभिजीत की नेताजी सुभाष चंद्र बोस अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर राज्य के दो मंत्रियों फिरहाद हकीम व ब्रात्य बसु ने अगवानी की। नोबेल जयी के स्वागत को हवाई अड्डे पर बड़ी संख्या में उनके प्रशंसक उमड़े थे। वे 'अभिजीत बनजी भारत के गर्व' के नारे लगा रहे थे। प्रशंसकों ने उनपर फूल बरसाए। उनके आगमन को लेकर हवाई अड्डे पर सुरक्षा की कड़ी व्यवस्था की गई थी।

अभिजीत वहां से दक्षिण कोलकाता के हिंदुस्तान पार्क इलाके में स्थित अपने घर के लिए रवाना हो गए। उनके स्वागत को रास्ते में जगह-जगह बैनर लगाए गए थे।

घर में मां निर्मला बनर्जी व परिवार के अन्य सदस्यों ने उनका स्वागत किया। अभिजीत के लिए मां ने उनकी पसंद के पकवान तैयार करके रखे थे, जिनका उन्होंने रात्रिभोज में लुत्फ उठाया। नोबेल पदक जीतने के बाद अभिजीत का यह पहला कोलकाता दौरा है। वे 24 अक्टूबर को तड़के वापस लौट जाएंगे। इस बीच कलकत्ता विश्वविद्यालय सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक विवि अभिजीत को डीएससी की उपाधि से सम्मनित करना चाहता है।

नुसरत ने पूरी की नोबेल जयी की हिलसा मछली खाने की इच्छा

नोबेल जयी अभिजीत बनर्जी की हिलसा मछली खाने की इच्छा तृणमूल कांग्रेस सांसद नुसरत जहां ने पूरी कर दी। अभिजीत ने कोलकाता में हिलसा मछली खाने की इच्छा जाहिर की थी। यह जानने के बाद बशीरहाट से सांसद नुसरत ने अभिजीत की मां निर्मला बनर्जी से संपर्क कर अपने संसदीय क्षेत्र से उन्हें हिलसा मछली भेंट की।

नुसरत ने कहा-'मैंने अखबार पढ़ा तो पता चला कि अभिजीत अपने कोलकाता स्थित घर में हिलसा मछली खाना चाहते हैं। उनकी मां को डर सता रहा था कि अक्टूबर में हिलसा मछली कहां मिलेगी। यह देखकर मैंने उन्हें हिलसा मछली देने की पेशकश की। वहीं निर्मला बनर्जी ने कहा-'यह थोड़ा संकोचजनक है लेकिन मैं इसके लिए नुसरत को धन्यवाद देती हूं।'

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Posted By: Sachin Mishra

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