राज्य ब्यूरो, कोलकाताः मुख्यमंत्री व तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी के कांग्रेस और राहुल गांधी पर निशाना साधने के अगले ही दिन उनके करीबी चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर(पीके) ने भी नाम लिए बिना गांधी परिवार पर हमला बोल दिया। प्रशांत किशोर ने विपक्ष के नेतृत्व के सवाल पर कहा कि कांग्रेस पिछले 10 साल में अपने 90 प्रतिशत चुनाव हारी है। ऐसे में विपक्ष का नेतृत्व कांग्रेस का दैवीय अधिकार नहीं हो सकता।

प्रशांत किशोर ने अपने ट्वीट में लिखा कि एक मजबूत विपक्ष के लिए कांग्रेस जिस आइडिया और स्पेस का प्रतिनिधित्व करती है, वह महत्वपूर्ण है, लेकिन कांग्रेस का नेतृत्व किसी व्यक्ति का दैवीय अधिकार नहीं है, खासकर तब, जब पार्टी पिछले 10 सालों में 90 प्रतिशत से अधिक चुनाव हार गई हो। विपक्षी नेतृत्व को लोकतांत्रिक तरीके से तय करने दें। प्रशांत किशोर से पहले ममता बनर्जी ने बुधवार को मुंबई में कांग्रेस के नेतृत्व को लेकर सवाल उठाए थे। ममता ने कांग्रेस पर कटाक्ष करते हुए ये कहा था कि अब कोई यूपीए नहीं बचा है।

दरअसल, ममता पीके की रणनीति के तहत आगामी लोकसभा चुनाव के लिए भाजपा के खिलाफ तीसरे मोर्च की तैयारियों में जुटी हैं। वे अलग-अलग राज्यों में पार्टियों के नेताओं से मिलकर भाजपा का विकल्प बनने की अपील कर रही हैं। बुधवार को उन्होंने राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के अध्यक्ष शरद पवार के साथ अपनी बहुप्रतीक्षित बैठक में, सभी विपक्षी दलों के लिए अगले चुनावों में भाजपा के खिलाफ एकजुट होने की रणनीति पर चर्चा की। यह पहला मौका नहीं है जब पीके ने कांग्रेस पर हमला बोला है। इससे कुछ माह पहले भी उन्होंने कांग्रेस पर निशाना साधा था। पीके ने जो आज ट्वीट किया है उसका सीधा संदेश ममता को विपक्ष के चेहरे के रूप में स्थापित करने का है। 

Edited By: Vijay Kumar