राज्य ब्यूरो, कोलकाता। बंगाल में दुर्गा पूजा के बाद कोरोना के बढ़ते संक्रमण के मद्देनजर विभिन्न जिलों में सेफ होम (आइसोलेशन सेंटर) एवं अस्पतालों में कोविड वार्ड के ताले फिर से खुलने लगे हैं। राज्य में संक्रमण की दर कम होने की वजह से ज्यादातर सेफ होम एवं विभिन्न अस्पतालों के कोविड वार्ड को बंद कर दिया गया था, लेकिन अचानक बढ़ते संक्रमण ने राज्य सरकार की चिंताएं बढ़ा दी हैं। इसके बाद इसे फिर से खोलने का निर्णय लिया गया है। दूसरी ओर, राज्य सरकार ने बढ़ते संक्रमण को देखते हुए सभी जिला प्रशासन को नाइट कर्फ्यू में और सख्ती बरतने का निर्देश दिया है।इसके बाद नाइट कर्फ्यू का उल्लंघन करने वालों की धरपकड़ और कार्रवाई पुलिस ने तेज कर दी है। कोलकाता, हावड़ा सहित विभिन्न जिलों में पुलिस ने शुक्रवार देर रात नाका चेकिंग लगाकर बड़ी संख्या में लोगों को गिरफ्तार किया है।उनके खिलाफ आपदा प्रबंधन अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है। इधर, हावड़ा जिला प्रशासन ने सभी बाजारों को सप्ताह में एक दिन फिर से बंद करने का निर्णय लिया है।

दुर्गा पूजा के बाद तेजी से बढ़ा है संक्रमण

बताते चलें कि दुर्गा पूजा के दौरान हाई कोर्ट के निर्देश तथा सरकार की सख्ती के बावजूद भी कोलकाता तथा उसके आसपास के जिलों में कोरोना प्रोटोकाल की धज्जियां उड़ गई थीं। कोलकाता में दुर्गा पूजा में कोविड नियमों का पालन किए बिना बेलगाम घूमने का असर साफ दिखने लगा है।

दुर्गा पूजा बीतने के बाद से बंगाल में कोरोना का ग्राफ तेजी से बढ़ रहा है।दैनिक संक्रमण के मामलों में हर दिन वृद्धि देखी जा रही है। खासकर राजधानी कोलकाता व इसके पास के जिलों दक्षिण 24 परगना, उत्तर 24 परगना व हावड़ा से हर दिन बड़ी संख्या में नए मामले सामने आ रहे हैं।बीते एक हफ्ते में संक्रमितों का आंकड़ा लगभग दोगुना हो गया है। पाजिटिविटी दर में भी तेज उछाल देखा गया है।राज्य में कोरोना के कुल मामलों में लगभग 80 फीसद मामले कोलकाता तथा उसके आसपास के जिलों उत्तर 24 परगना, दक्षिण 24 परगना तथा हावड़ा से हैं। शुक्रवार को राज्य में कोरोना के 846 नए मामले आए। एक हफ्ते पहले यह संख्या 443 थी। इसी प्रकार कोलकाता में शुक्रवार को 242 नए मामले दर्ज किए गए जबकि एक हफ्ते पहले 108 मामले सामने आए थे। राज्य में पाजिटिविटी दर में भी तेज उछाल देखा गया है। यह दुर्गा पूजा शुरू होने से पहले एक अक्टूबर को 1.79 फीसद थी जो 22 अक्टूबर को 2.10 फीसद पहुंच गई है।

कोरोना की पहली लहर में बंगाल में बीते साल 22 अक्टूबर को चार हजार 157 मामले दर्ज किए गए थे। वहीं, कोरोना की दूसरी लहर में राज्य में सबसे ज्यादा 20 हजार 846 मामले इस साल 14 मई को सामने आए थे।

Edited By: Babita Kashyap