-नव चेहरों में नुसरत, मिमी, लॉकेट, देवश्री के साथ ही माला भी शामिल

-भाजपा के 16 व तृणमूल के सात सांसद पहली बार संसद में रखेंगे कदम

प्रकाश पांडेय, कोलकाता : 42 संसदीय सीटों वाले पश्चिम बंगाल की आधी सीटों (21) पर अबकी नए प्रत्याशियों ने जीत दर्ज की। जिसमें भाजपा के 16 व तृणमूल कांग्रेस के सात उम्मीदवार शामिल रहे, जो पहली बार संसद की दहलीज पर पांव रखेंगे। राज्य के पहाड़, मैदान व जंगलमहल क्षेत्र से भाजपा के टिकट पर चुनाव जीत पहली बार संसद पहुंचने वाले नए चहरों में जान बारला, लॉकेट चट्टोपाध्याय, सुकांत मजुमदार, शांतनु ठाकुर, अर्जुन सिंह, निशीथ प्रमाणिक , राजू बिष्ट, जयंत रॉय, डॉ. कुनार हेम्ब्रम, खगेन मुर्मू, दिलीप घोष, ज्योतिर्मय सिंह महतो, देवश्री चौधरी और जगन्नाथ सरकार का नाम शामिल हैं। वहीं तृणमूल काग्रेस सुप्रीमो ममता बनर्जी ने बांग्ला सिने स्टारों की लोकप्रियता को सियासी मैदान में जमकर भुनाया, जिसका उन्हें काफी हद तक लाभ भी मिला। महानगर से लगे जादवपुर संसदीय सीट से बांग्ला सिने अभिनेत्री मिमी चक्रवर्ती ने अपने नजदीकी भाजपा प्रतिद्वंदी अनुपम हाजरा को शिकस्त दे खुद के लिए संसद मार्ग प्रशस्त करने में वे आखिरकार कामयाब रहीं तो वहीं बसीरहाट सीट से तृणमूल प्रत्याशी नुसरत जहां भी पहली बार सियासी मैदान में किस्मत आजमा रही थी, जिन्होंने भाजपा प्रत्याशी सायंतन बसु को पराजित कर जीत दर्ज की। इधर, दक्षिण कोलकाता संसदीय सीट से तृणमूल उम्मीदवार माला रॉय ने भाजपा के चंद्र कुमार बोस को हरा इस सीट पर कब्जा कर लिया। कूचबिहार संसदीय सीट से विजयी हुए भाजपा के निशीथ प्रमाणिक ने इस जीत का श्रेय अपने सियासी गुरू मुकुल रॉय व देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को दिया। दूसरी ओर, अलीपुरद्वार से भाजपा उम्मीदवार जान बारला की जीत हालांकि पहले से ही निर्धारित मानी जा रही थी, क्योंकि चाय बागान के आदिवासी श्रमिकों के साथ वे हमेशा डट कर खड़े रहे, जिसका उन्हें चुनाव में लाभ मिला। वहीं दार्जिलिंग में भाजपा ने स्थानीय चेहरे के तौर पर राजू बिष्ट पर दांव खेला, जिसमें उन्हें कामयाबी मिलने के साथ ही लगातार तीसरी बार पहाड़ पर कमल खिल सका। जहां तक रायगंज सीट की बात है तो इस सीट पर भाजपा प्रत्याशी देवश्री चौधरी ने क्षेत्र के इस्लामपुर स्थित दारीभीट हाई स्कूल में शिक्षक नियुक्त की मांग को लेकर अनशन पर बैठे दो छात्रों की मौत मामले के खिलाफ जोरदार आवाज उठाई व पार्टी की ओर से इलाके में लगातार विरोध प्रदर्शन व सभाएं कर राज्य सरकार को घेरने का काम किया। जिससे स्थानीय लोगों का झुकाव भाजपा की ओर हुआ और आम चुनाव के दौरान क्षेत्र के लोगों ने पार्टी प्रत्याशी देवश्री चौधरी के पक्ष में मतदान कर उन्हें विजयी बनाया। हालांकि, प्रदेश भाजपा ने इस जीत को पीएम मोदी के विकास व राज्य की ममता सरकार के कुशासन का परिणाम करार दिया।

Posted By: Jagran

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