मानकों पर खरे नहीं उतरे बंगाल के 205 बीएड कालेज, नए दाखिलों पर लगी रोक
बंगाल सरकार ने शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के लिए 205 बीएड कॉलेजों का संबद्धता नवीनीकरण रोक दिया है, जिससे वे 2026-28 सत्र में नए दाखिले नहीं ले पाएंगे।

(AI से बनाई गई सांकेतिक तस्वीर)
HighLights
205 बीएड कॉलेजों का संबद्धता नवीनीकरण रोका गया।
2026-28 सत्र में नए दाखिले नहीं ले पाएंगे।
शिक्षा गुणवत्ता सुधारने हेतु सरकार की सख्त कार्रवाई।
राज्य ब्यूरो, कोलकाता। बंगाल में शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के लिए बंगाल सरकार ने व्यावसायिक शिक्षण संस्थानों पर शिकंजा कस दिया है। बाबा साहेब आंबेडकर शिक्षा विश्वविद्यालय (बीएसएईयू) ने निर्धारित मानकों पर खरे नहीं उतरने वाले 205 बीएड कालेजों का संबद्धता नवीनीकरण रोक दिया है।
ये कालेज 2026-28 सत्र में नए विद्यार्थियों का दाखिला नहीं ले सकेंगे। हालांकि, उन्हें बुनियादी ढांचे और शिक्षकों की कमी दूर कर 2027-29 सत्र के लिए पात्रता हासिल करने का अवसर दिया गया है।
उच्च शिक्षा मंत्री जगन्नाथ चट्टोपाध्याय ने बताया कि मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के निर्देश पर उच्च शिक्षा और तकनीकी शिक्षा विभाग ने बीएड, आइटीआइ, पालीटेक्निक और फार्मा कालेजों का निरीक्षण कराया था।
पहले चरण में 156 बीएड कालेजों को 2026-28 सत्र में दाखिले की अनुमति दी गई थी, जबकि मानकों में कमी मिलने पर 415 कालेजों को 21 दिनों का कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था। इनमें नौ कालेजों ने जवाब नहीं दिया। शेष कालेजों की नए निरीक्षकों से दोबारा जांच कराई गई।
दूसरे चरण के निरीक्षण में 237 कालेज मानकों पर खरे उतरे और उन्हें चार नवंबर से दाखिले की अनुमति दे दी गई। वहीं, शेष 205 कालेज निर्धारित मानकों को पूरा नहीं कर सके। इसके बाद उनके दाखिले पर रोक लगाने का फैसला किया गया।
मंत्री के अनुसार, अन्य व्यावसायिक शिक्षण संस्थानों पर भी कार्रवाई हुई है। अपर्याप्त बुनियादी ढांचे के कारण 265 आइटीआइ में से 14 का डी-एफिलिएशन किया गया है। 134 फार्मा कालेजों में से 38 में इस वर्ष दाखिले बंद किए गए हैं, जबकि 74 पालीटेक्निक में से एक में प्रवेश स्थगित किया गया है। सरकार का कहना है कि इन कदमों का उद्देश्य शिक्षा की गुणवत्ता बनाए रखना और डिग्री बेचने वाले संस्थानों पर अंकुश लगाना है।