जागरण संवाददाता, कोलकाता : भू-माफियाओं द्वारा खाली पड़ी सरकारी जमीन को सरकार को ही बेच देने का खुलासा होने के बाद अफसरों में हड़कंप मच गया। लोक निर्माण विभाग के अधीन काम करने वाली एक संस्था द्वारा प्राथमिकी दर्ज कराने के बाद हरकत में आई पुलिस ने व्यापारी दो भाइयों को गिरफ्तार किया है। भू-माफियाओं ने निजी संपत्ति बताकर जमीन का फर्जी कागजात तैयार कर एक करोड़ से अधिक में सौदा किया था। सूत्रों के अनुसार 2016 में लोक निर्माण विभाग द्वारा कार्यालय बनाने के लिए सर्वे थाना क्षेत्र में जमीन की तलाश की जा रही थी। उस वक्त सम्मिलनी पार्क में राज्य सरकार की 3 कट्टा से अधिक जमीन खाली पड़ी थी। आरोप है कि भू-माफियाओं ने उक्त जमीन के फर्जी कागजात बनवाकर उसे निजी संपत्ति बताते हुए लोक निर्माण विभाग के अधीन चलने वाली एक संस्था को एक करोड़ पंद्रह लाख पचास हजार रुपये में बेच दिया था। इसके बाद जब संस्था जमीन पर कब्जा लेने पहुंची तो सुबीर दत्त नामक एक भू-माफिया ने इसका विरोध शुरू कर दिया था। इस पर संस्था ने भू-माफिया के खिलाफ मुकदमा दर्ज करवा दिया था। पुलिस ने जांच के बाद इसी माह सुबीर को गिरफ्तार कर लिया था। पूछताछ में सख्ती बरती गई तो आरोपित ने भू-माफिया दो भाइयों के नाम का खुलासा किया। शुक्रवार रात पुलिस ने सुबीर की निशानदेही पर शरत बसु रोड स्थित ऑफिस से विनोद चूड़ीवाल और श्लोक चूड़ीवाल नामक दो भाइयों को गिरफ्तार कर लिया।

Posted By: Jagran

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