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जागरण संवाददाता, कोलकाता : बंगाल में शुक्रवार दोपहर से शुरु हुई मूसलाधार बारिश के दौरान वज्रपात से आठ लोगों मौत ने मृतकों के परिजनों के साथ ही सरकार को भी झकझोर दिया है। इसके साथ 45 लाख रुपये भी पानी में बहते दिख रहे हैं। वज्रपात की अग्रिम जानकारी के लिए दो साल पहले तृणमूल सरकार ने आधुनिक उपकरण खरीदे थे।

आंकड़ों पर गौर करें तो वज्रपात से प्रतिवर्ष राज्यभर में करीब 100 लोगों की जान जाती है। इसे ध्यान में रखते हुए तृणमूल सरकार ने 2017 में 45 लाख रुपये की लागत से अमेरिका से वज्रपात डिटेक्टर करने वाले आधुनिक उपकरण खरीदे थे। उक्त उपकरण की मदद से एक से डेढ़ घंटा पहले वज्रपात की जानकारी हासिल की जा सकती है। राज्य के आठ महत्वपूर्ण स्थानों पर वज्रपात डिटेक्ट करने वाले आधुनिक उपकरणों को लगा भी दिए गए थे, लेकिन शुक्रवार और शनिवार को महानगर के विक्टोरिया समेत राज्य के अलग-अलग हिस्सों में हुए वज्रपात से आठ लोगों की मौत ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं।

इस बाबत पूछे जाने पर आपदा प्रबंधन मामलों के मंत्री जावेद खान ने कहा कि उपकरणों के लिए अधिक दूरी से संदेश मिलने और सही से काम न करने के कारण ही इस तरह की दुर्घटनाएं हो रही हैं। उन्होंने कहा कि कई बार ऐसा होता है कि सर्वर डाउन होने के कारण अमेरिका से सटीक समय पर वज्रपात की पूर्व सूचना नहीं मिल पाती है, जिस कारण दुर्घटनाओं पर अंकुश नहीं लग पा रहा है।

Posted By: Jagran

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