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-सीबीआइ ने पार्थ को सारधा तो राजीव कुमार को रोजवैली मामले में किया था तलब

-तृणमूल कांग्रेस की पत्रिका 'जागो बांग्ला' के साथ कथित लेनदेन का आरोप

जागरण संवाददाता, कोलकाता : तृणमूल कांग्रेस के राज्यसभा सांसद डेरेक ओ ब्रायन से पूछताछ के बाद सीबीआइ ने अब राज्य के शिक्षा मंत्री एवं पार्टी के महासचिव पार्थ चटर्जी और कोलकाता पुलिस के पूर्व सीपी राजीव कुमार को अलग अलग मामलों में तलब किया गया। पार्थ से सारधा तो राजीव से रोजवैली मामले में मैराथन पूछताछ की गई। इस दौरान उनके बयान भी रिकार्ड किए गए। सूत्रों के अनुसार गत 9 अगस्त को दिल्ली में सीबीआइ ने तृणमूल कांग्रेस के राज्यसभा सदस्य एवं पार्टी प्रवक्ता डेरेक ओ ब्रायन से सारधा चिटफंड मामले में पूछताछ की गई थी। उस वक्त पार्टी के महासचिव एवं राज्य के शिक्षा मंत्री पार्थ चटर्जी का नाम सामने आया था। इसी आधार पर सीबीआइ ने शुक्रवार सुबह नोटिस भेजकर पार्थ चटर्जी को दोपहर में तलब किया था। हालांकि उस वक्त पार्थ ने नोटिस मिलने से इन्कार किया था। लेकिन दोपहर 2 बजे वह साल्टलेक स्थित सीजीओ काम्प्लेक्स में सीबीआइ कार्यालय पेश हुए। अधिकारियों की पांच सदस्यीय टीम ने तृणमूल कांग्रेस की पत्रिका 'जागो बांग्ला' के अकाउंट में कथित तौर पर सारधा के साथ लेनदेन के बाबत उनसे सवाल जवाब किए। संयोग से पार्थ चटर्जी उक्त पत्रिका के संपादक हैं और ओब्रायन इसके प्रकाशक हैं। करीब चार घंटे चली पूछताछ के दौरान टीम ने उनके बयान को रिकार्ड भी किया। सीबीआइ कार्यालय से बाहर निकलने के बाद पार्थ चटर्जी ने कहा कि मुझे व्यक्तिगत नहीं बल्कि पार्टी की ओर से बुलाया गया था। उधर, सीबीआइ की पांच सदस्यीय टीम ने कोलकाता पुलिस के पूर्व आयुक्त राजीव कुमार से भी करीब साढ़े तीन घंटे तक रोजवैली चिटफंड मामले में उनकी भूमिका के बाबत पूछताछ की। उनके बयान को भी रिकार्ड किया गया। सूत्रों के अनुसार राजीव से मिले तथ्यों की जांच करने के बाद जरूरत पड़ी तो उन्हें दोबारा बुलाया जाएगा। राजीव के दर्ज बयान को आज ही दिल्ली भेजा जाएगा।

Posted By: Jagran

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