कोलकाता, जागरण संवाददाता। उत्तर 24 परगना जिले के हाबड़ा के बाद अब देगंगा में डेंगू का प्रकोप है। सैकड़ों लोग बीमार हैं। अब तक डेंगू से 3 लोगों की मौत हो चुकी है। दर्जनों लोग अस्पताल में भर्ती हैं। दूसरी ओर पालिका तथा स्वास्थ्य विभाग की ओर से डेंगू की रोकथाम के लिए पुरजोर उपाय किए जा रहे हैं।

राज्य सरकार के लाख दावों के बावजूद उत्तर 24 परगना जिले में डेंगू का असर बढ़ रहा है। हाबरा अस्पताल के बाद सबसे अधिक डेंगू के मरीज बनगांव के जीवन रतनधर महकमा अस्पताल में भर्ती हैं। वहां डेंगू के 75 मरीजों के भर्ती होने की खबर है। इसी बीच डेंगू पीड़ित एक महिला की मौत हो गई। मृतका का नाम बिजली सरकार (52) है। अस्पताल से जारी मृत्यु प्रमाणपत्र में डेंगू से मौत का उल्लेख है। बिजली सरकार घोजा ग्राम की वाशिंदा थी। उसके पति रंजीत सरकार ने बताया कि उसे चार दिनों से बुखार था।

उधर हाबरा, गाईघाटा, अशोकनगर व बनगांव इलाकों में दो हजार लोगों के डेंगू से पीड़ित होने की खबर है। उनका इलाज विभिन्न सरकारी व गैरसरकारी अस्पतालों में चल रहा है। इस बीच जिलाधिकारी ने हाबरा स्टेट जनरल अस्पताल जाकर हालात का मुआयना किया एवं स्वास्थ्य विभाग को पत्र लिखकर उचित कदम उठाने का अनुरोध किया। हरकत में आए स्वास्थ्य विभाग ने प्रभावित इलाकों में तीन महीने तक अभियान चलाने का निर्देश दिया है, जिसके तहत नालों व कचरे की सफाई, मच्छरों के सफाए के लिए कीटनाशक का छिड़काव व जागरुकता अभियान चलाया जाएगा। इस बाबत 76 लाख रुपये मंजूर किए गए हैं।

इस अभियान में 450 अस्थाई कर्मियों को लगाया जाएगा। जिले के अन्य अस्पतालों से बायोलाजिस्ट और नसोर्ं को प्रभावित इलाके के अस्पतालों में भेजा जा रहा है, साथ ही डेंगू की जांच के लिए विशेष प्रकार की किट भेजी गई है। बनगांव व हाबरा स्टेट जनरल अस्पतालों में बेड की संख्या बढ़ाई गई है तथा प्रभावित इलाकों में मेडिकल कैंप लगाए गए हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि डेंगू नियंत्रण को काफी देर से प्रशासन जगा है। मेडिकल कैंपों से उपयुक्त दवाएं नहीं हैं। मरीजों के खून की साधारण जांच की जा रही है। वहां एनएस-1 जीवाणु के लिए कोई जांच नहीं हो रही है।
उत्तर 24 परगना जिले में डेंगू के बढ़ते प्रकोप ने स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ा दी है। हालात की गंभीरता को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग की ओर से डेंगू के रोकथाम और उसके प्रति लोगों को जागरुक करने के लिए तीन महीने तक अभियान चलाने का निर्णय लिया गया है। इसके लिए बकायदा 76 लाख रुपये की राशि आवंटित की गई है। जागरुकता अभियान और रोकथाम के लिए करीब 450 अस्थाई कर्मचारियों की नियुक्ति का भी निर्णय लिया गया है।
प्रशासनिक सूत्रों की मानें तो तेजी से बढ़ते डेंगू को लेकर रेड जोन के रूप में हाबरा-1, हाबर-2, गाइघाटा और बैरकपुर दो नंबर ब्लॉक को चिन्हित तक किया गया है। अकेले बनगांव अस्पताल में डेंगू के 75 मरीज भर्ती है, जबकि एक की मौत भी हो चुकी है। गाइघाटा अस्पताल में भी कमोवेश यही स्थिति है। वहीं जलेश्वर, धर्मपुर, कुलपुकुर और घोंजा इलाकों में भी डेंगू तेजी से पैर पसार रहा है। गैरसरकारी सूत्रों की मानें तो अब तक डेंगू से 10 लोगों की मौत हो चुकी है। हालांकि आधिकारिक तौर पर उसकी पुष्टि नहीं की गई है।

मालूम हो कि सीमावर्ती इलाकों में डेंगू के मरीजों और उससे मरने वालों की संख्या में लगातार हो रही वृद्धि को देखते हुए जिला प्रशासन की ओर से वस्तुस्थिति की पूरी जानकारी एकत्र की और वहां की भयावहता को लेकर स्वास्थ्य विभाग को चिट्ठी के माध्यम से अवगत कराया था। हाबरा, गाइघाटा और बैरकपुर में फैले डेंगू के प्रकोप को लेकर बीते दिनों खुद मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भी चिंता जाहिर की थी। गौरतलब है कि इनदिनों हाबरा व बनगांव में डेंगू का प्रकोप है।

 

अब खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस, डाउनलोड करें जागरण एप

Posted By: Preeti jha

अब खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस, डाउनलोड करें जागरण एप