जागरण संवाददाता, कोलकाता : कलकत्ता हाईकोर्ट ने उच्च प्राथमिक के दो हजार अभ्यर्थियों के दस्तावेजों के सत्यापन का निर्देश देते हुए स्कूल सर्विस कमीशन (एसएससी) के पदाधिकारियों को फटकार लगाई। शनिवार को मामले पर सुनवाई के दौरान न्यायमूर्ति मौसमी भंट्टाचार्य ने कहा कि बिना रिक्त पदों की पूर्व घोषणा किए अभ्यर्थियों को साक्षात्कार के लिए क्यों बुलाया गया? एसएससी से कई विषयों पर स्पष्टीकरण की मांग करते हुए न्यायमूर्ति ने 29 जुलाई तक हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया था लेकिन एसएससी की ओर से निर्दिष्ट समयावधि में हलफनामा दाखिल नहीं किया गया। शुक्रवार को हलफनामा पेश किया गया, जिस पर शनिवार को सुनवाई हुई। अभ्यर्थी पक्ष के अधिवक्ता फिरदौस शमीम ने कहा कि गत 19 जुलाई के निर्देश में एक विषय स्पष्ट नहीं हो पा रहा था, जिसे शनिवार को न्यायमूर्ति ने पूरी तरह स्पष्ट कर दिया। उन्होंने कहा कि देवनाथ मंडल, प्रियंका चटर्जी, अनूप रॉय, सुब्रत महापात्र समेत दो हजार से अधिक अभ्यर्थियों के दस्तावेजों के फिर से सत्यापन का अदालत ने निर्देश दिया है। गौरतलब है कि गत 15 जुलाई को उच्च प्राथमिक शिक्षकों की नियुक्ति प्रक्रिया के तहत पहले दौर का साक्षात्कार संपन्न हो चुका है। बावजूद इसके अदालत के अगले निर्देश तक साक्षात्कार के अंतिम परिणाम घोषित नहीं किए जा सकेंगे।

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Posted By: Jagran