संवाद सूत्र, बैरकपुर : रक्तदान शिविर के आयोजन की अनुमति रद करने के विरोध में क्लब कार्यकर्ताओं व स्थानीय लोगों द्वारा किए गए पथावरोध को खत्म करने गई पुलिस के साथ जनता का संघर्ष छिड़ गया। पथावरोध हटाने के लिए रैफ व कांबैट फोर्स के जवानों ने भीड़ पर व्यापक लाठीचार्ज किया। पलटवार में हुए पथराव में चार पुलिसकर्मी सहित 11 लोग जख्मी हो गए। पथराव से पुलिस की एक गाड़ी का शीशा चकनाचूर हो गया। संघर्ष में जख्मी पाच लोगों को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

पुलिस पर हमला व सरकारी संपत्ति को क्षति पहुंचाने के आरोप में देगंगा थाने की पुलिस ने स्वत: संज्ञान मामला दर्ज कर शुक्रवार पूरी रात अभियान चलाकर पाच लोगों को गिरफ्तार किया है। उनके नाम समिरन दे, सुरजीत ढाली, रजनीकात दत्त, अनिमेष विश्वास और चंचल नाग हैं। शनिवार को पुलिस ने उन पाचों को बारासात अदालत में पेश किया।

प्राप्त जानकारी के अनुसार स्थानीय देगंगा फुटबाल क्लब के सदस्य रक्तदान शिविर आयोजन करने वाले थे। क्लब के सदस्यों का दावा है कि शिविर के आयोजन के लिए उन्होंने पुलिस से अनुमति ली थी। शुक्रवार को पुलिस ने बताया कि उनकी अनुमति को रद कर दिया गया है। इससे आक्रोशित होकर जनता ने शुक्रवार शाम देगंगा बाजार में पथावरोध किया। खबर पाकर वहा पहुंची पुलिस ने पथावरोध हटाने का अनुरोध किया लेकिन जनता अडिग रही। सड़क पर से उन्हें हटाने के लिए जबर्दस्ती करने पर पुलिस के साथ उनकी धक्का-मुक्की हुई। पुलिस कर्मियों की संख्या कम होने के वजह से पहले उन्हें पीछे हटना पड़ा। बाद में बड़ी संख्या में पुलिस बल व रैफ के जवानों के साथ पुलिस भीड़ पर टूट पड़ी। अवरोधकारी विश्वजीत दास ने आरोप लगाया कि रैफ के जवानों ने निर्दयता से भीड़ पर लाठीचार्ज किया, अवरोध में शामिल महिलाओं को भी नहीं बख्शा गया। लाठी की चोट से कई महिलाएं जख्मी हुई हैं जबकि बल प्रयोग करने वालों में एक भी महिला पुलिस कर्मी नही थी।

Posted By: Jagran

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