माटीगाड़ा में घर में चल रहा था फर्जी आधार सेंटर, दो बांग्लादेशी समेत तीन गिरफ्तार
माटीगाड़ा के शीशाबाड़ी में आर्मी इंटेलिजेंस और पुलिस ने एक फर्जी आधार सेंटर का भंडाफोड़ किया है।

माटीगाड़ा में फर्जी आधार सेंटर का पुलिस ने किया भंडाफोड़
HighLights
माटीगाड़ा में फर्जी आधार सेंटर का पुलिस ने किया भंडाफोड़
दो बांग्लादेशी नागरिकों सहित तीन आरोपी गिरफ्तार, संचालक फरार
28 फर्जी आधार कार्ड और अन्य उपकरण जब्त, जांच जारी
जागरण संवाददाता, सिलीगुड़ी। माटीगाड़ा के शीशाबाड़ी इलाके में घर से संचालित हो रहे फर्जी आधार सेंटर का आर्मी इंटेलिजेंस और माटीगाड़ा थाना पुलिस ने भंडाफोड़ किया है। संयुक्त कार्रवाई में पुलिस ने दो बांग्लादेशी नागरिकों समेत तीन लोगों को गिरफ्तार किया है।
गिरफ्तार आरोपितों की पहचान सुशील राय, लिटू महंतो और पवित्र रानी राय के रूप में हुई है। सुशील और लिटू बांग्लादेश के रंगपुर डिवीजन अंतर्गत नीलफामारी जिले के निवासी बताए जा रहे हैं। वहीं, पवित्र रानी फर्जी आधार सेंटर के कथित संचालक रिपन राय की पत्नी है। पुलिस के अनुसार रिपन राय मौके से फरार होने में कामयाब रहा।
पुलिस ने बताया कि सूचना के आधार पर सोमवार दोपहर आर्मी इंटेलिजेंस ने माटीगाड़ा थाना पुलिस के साथ संयुक्त रूप से उक्त मकान में छापा मारा।
कार्रवाई के दौरान वहां फर्जी आधार कार्ड बनवाने पहुंचे दो बांग्लादेशी नागरिक भी पुलिस के हाथ लग गए। हालांकि, पुलिस और खुफिया विभाग की टीम के पहुंचने की भनक लगते ही सेंटर संचालक रिपन राय मौके से फरार हो गया। पुलिस उसकी तलाश में संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही है।
छापेमारी के दौरान पुलिस ने मौके से 28 फर्जी आधार कार्ड बरामद किए। इसके अलावा जन्म प्रमाणपत्र, जातीय प्रमाणपत्र, आधार कार्ड के आवेदन फार्म, कंप्यूटर, प्रिंटर, फिंगरप्रिंट स्कैनर, रेटिना स्कैनर समेत कई इलेक्ट्रानिक उपकरण और महत्वपूर्ण दस्तावेज जब्त किए गए हैं।
10 हजार रुपये में तैयार होता था आधार
प्रारंभिक पूछताछ में गिरफ्तार दोनों बांग्लादेशी नागरिकों ने पुलिस को बताया कि वे करीब ढाई वर्ष पहले बांग्लादेश से भारत आए थे। इसके बाद माटीगाड़ा के शीशाबाड़ी इलाके में परिवार के साथ किराए के मकान में रहने लगे। उन्हें अवैध तरीके से भारतीय आधार कार्ड बनाए जाने की जानकारी मिली थी।
इसके बाद दोनों ने ने रिपन राय से संपर्क किया। रिपन ने प्रत्येक आधार कार्ड तैयार करने के लिए 10 हजार रुपये की मांग की थी। दोनों आरोपित रुपये देने के लिए सोमवार को सेंटर पर पहुंचे थे। इसी दौरान पुलिस और खुफिया विभाग की टीम ने वहां छापा मार दिया।
बिना वैध दस्तावेज तैयार होते थे पहचान पत्र
पुलिस की प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि रिपन राय बिना वैध दस्तावेज के आधार कार्ड समेत अन्य भारतीय पहचान संबंधी दस्तावेज तैयार करता था। अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि उसके माध्यम से अब तक कितने लोगों के फर्जी आधार कार्ड या अन्य दस्तावेज तैयार किए गए हैं।
माटीगाड़ा थाना पुलिस जब्त कंप्यूटर, प्रिंटर और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की तकनीकी जांच कर रही है। साथ ही बरामद दस्तावेजों के आधार पर संभावित लाभार्थियों और इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की पहचान की जा रही है।
