सरहद पार कैद हैं खुशियां, भारतीय सीमा से दीपंकर का अपहरण कर बांग्लादेश की जेल में डाला
जलपाईगुड़ी के तसरपाड़ा गांव के दीपंकर गोप को भारत-बांग्लादेश सीमा से अगवा कर बांग्लादेश की जेल में डाल दिया गया है।

HighLights
दीपंकर गोप को बांग्लादेश सीमा से अगवा कर जेल भेजा।
परिवार तीन महीने से दीपंकर की वापसी का इंतजार कर रहा।
काली पूजा नहीं मना पाएगा परिवार, सरकार से मदद की आस।
दीपेंद्र सिंह, जलपाईगुड़ी। राजगंज ब्लाक का तसरपाड़ा गांव। भारत-बांग्लादेश सीमा पर स्थित इसी गांव में रहते हैं मिश्रीलाल गोप। तीन महीने गुजर गए हैं, पर उनकी आंखों के आंसू थम नहीं रहे।
बेटा दीपंकर गोप बांग्लादेश की जेल में बंद है। उसे जबरन बांग्लादेश के एक गांव के लोग उठा ले गए थे, बांग्लादेश में उसे सीमा पार करने के आरोप में जेल भेज दिया।
दीपंकर के भाई शुभंकर गोप, दीपंकर की पत्नी महामाया गोप और उसके दोनों बेटे प्रणव तथा ऋषि भी रो रोकर बेहाल हैं। अब उनकी उम्मीदें केंद्र व राज्य सरकार पर टिकी हैं, इस परिवार के लोग अब यही कह रहे कि इस बार काली पूजा नहीं मना सकेंगे, आखिर हमारे घर की खुशियां तो लुट गईं।
स्वजन ने बताया कि हर साल हमारे घर काली पूजा होती थी, इस बार कैसे मनाएंगे। आठ अगस्त के दिन भारत-बांग्लादेश सीमा पर कंटीले तारों के पार भारतीय क्षेत्र में स्थित चाय बागान में कीटनाशक का छिड़काव करने दीपंकर गए थे।
तभी उस पार के कुछ लोगों ने उनका अपहरण कर लिया। उनको बांग्लादेशी क्षेत्र में ले गए। इसके बाद बांग्लादेश बार्डर गार्ड (बीजीबी) के हवाले कर दिया गया। आज तीन माह गुजर गए हैं, वह तो वहां की जेल में हैं।
... और इसलिए दीपंकर को उठा ले गए
स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार बांग्लादेश के लोगों का कहना था कि वहां का एक नागरिक पंचगढ़ के रहने वाला ताजिमुद्दीन इस्लाम भारतीय सीमा में प्रवेश कर गया था। तब बीएसएफ ने उसे पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया था। छह अगस्त को यह घटना हुई थी।
तजिमुद्दीन को छुड़ाने के लिए ही बांग्लादेशी नागरिकों ने बीजीबी के साथ मिलकर भारतीय जमीन से दीपंकर का अपहरण किया है। यह भी कहा गया है कि जब तक तजिमुद्दीन को रिहा नहीं किया जाएगा, तब तक दीपंकर को भी नहीं छोड़ा जाएगा।
पीढ़ियों से हो रही काली पूजा, इस बार टूट जाएगी परंपरा
दीपंकर की पत्नी महामाया गोप कुछ भी पूछे जाने पर रो पड़तीं हैं। सुबकते हुए वे कहती हैं कि पति पिछले तीन महीने से बांग्लादेश की जेल में बंद हैं।
पूजा में हर साल रिश्तेदारों और परिचितों की भीड़ जुटती थी, पूरा घर खुशियों से भर जाता था, इस बार तो गम की चादर पसरी है।
बच्चे हर दिन पिता के बारे में पूछते हैं, पर उनको क्या जवाब दूं। भाई शुभंकर कहते हैं कि बांग्लादेश सरकार से भी संपर्क करने की कोशिश कर रहे हैं।
दीपंकर को भारत वापस लाने के प्रयास तेज किए हैं। जलपाईगुड़ी के जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक से भी बात की है। दोनों देशों के बीच सरकारी और कानूनी प्रक्रिया के तहत दीपंकर की वापसी सुनिश्चित कराएंगे।
देश और दुनिया की ताजा खबरों के लिए Hindi News देखें। Live Cricket Score , IPO Listings, Shiv Chalisa, राशिफल और दुर्गा चालीसा पर अन्य जानकारी पाएं।