संवाद सूत्र, नागराकाटा: खस भारतीय हितकारी सम्मेलन की ओर से रविवार को नागराकाटा के आदिवासी चर्चा केंद्र में सांगठनिक सभा संपन्न हुई। सभा में खस भारतीय हितकारी सम्मेलन लुकसान के आचलिक कमेटी की घोषणा की गई। इसमें कुल 45 सदस्य शामिल हैं। जिसका अध्यक्ष कृष्ण कार्की वीरपाड़ा, उपाध्यक्ष सैलेन्द्र छेत्री, मुख्य सचिव मनोज कुमार दाहाल, सहसचिव राजू अधिकारी, दिलीप शर्मा, कोषाध्यक्ष टिकाराम शर्मा और लेखापाल बासु छेत्री को बनाया गया है। लुकसान डुवार्स के खस समुदायों मुख्य कार्यलय होगा। आज की सभा में खस समुदायों के संस्कार, संस्कृति, रहन सहन समेत अन्य विषयों पर चर्चा की गई।

मुख्य अतिथि के तौर पर उपस्थित कुमार छेत्री ने बताया कि आजादी से पहले ही संगठन की स्थापना हुई थी। जो देश के विभिन्न प्रांत में है। छेत्री, बाहुन, ठकुरी और संन्यासी को एक सूत्र में बांध कर उन्हे संगठित करने का काम चल रहा है। साथ ही खस समुदाय का जनजाति का दर्जा दिलाने के लिए भी लगातार केंद्र सरकार से मांग की जा रही है। गोरखा समुदाय के ग्यारह जातियों में एक खस समुदाय भी है। इस पर सरकार से जनजाति का आश्वासन जरूर मिला है। राज्य सरकार की ओर से कुछ महीने पहले ही खस समुदाय को ओबीसी का दर्जा दिया गया है। आयोजक कमेटी की ओर से मनोज दहाल ने बताया कि आज का कार्यक्रम इतिहासिक था । इसमें डुवार्स कालचीनी, वीरपाड़ा, बानरहाट मालबाजार, बगराकोट, पहाड़ से मिरिक, दार्जिलिंग, कालिम्पोंग से करीब 1500 खस समुदाय के लोगों ने हिस्सा लिया था। सभा में मुख्य अतिथी के रुप में खस भारतीय हितकारी सम्मेलन केंद्रीय दार्जिलिंग के अध्यक्ष कुमार छेत्री, माहसचिव बलभद्र शर्मा, राजेन भेटवाल, सहित युवा प्रकोष्ठ से संतोष खड़का, नारी प्रकोष्ठ से नीतू भेटवाल, संगीता तिवारी समेत अन्य मौजूद थे।

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