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स्कूल भवन के ईट से मंदिर की दीवार बनाने पर विवाद

- स्कूल प्रबंधन ने कोतवाली थाने में दर्ज कराई शिकायत बिना अनुमति काम करने का आरोप

By JagranEdited By: Published: Fri, 01 Jul 2022 03:16 PM (IST)Updated: Fri, 01 Jul 2022 03:16 PM (IST)
स्कूल भवन के ईट से मंदिर की दीवार बनाने पर विवाद

- स्कूल प्रबंधन ने कोतवाली थाने में दर्ज कराई शिकायत, बिना अनुमति काम करने का आरोप

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जागरण संवाददाता, जलपाईगुड़ी: स्कूल के कमरे को तोड़ दिया गया। अब उसी स्कूल की ईंटों से मंदिर बनाया जा रहा है। लेकिन इस बारे में स्कूल प्रशासन को कुछ नहीं पता। उक्त घटना को लेकर जलपाईगुड़ी में हड़कंप मच गया। पूरे मामले को लेकर स्कूल प्रबंधन ने कोतवाली थाने में शिकायत दर्ज कराई है। स्कूल शिक्षा विभाग ने घटना की जाच शुरू कर दी है। आरोप है स्थानीय लोगों की मदद से ही ऐसा हुआ है। यह घटना जलपाईगुड़ी के स्टेट प्लान प्राइमरी स्कूल की है।

स्थानीय निवासी जयंत सरकार ने कहा कियहा दस बेड वाले अस्पताल निर्माण की बात सुनने को आ रहा है। पहले यहां स्कूल हुआ करता था, अब स्वास्थ्य केंद्र चलाया जा रहा है। अस्पताल बनेगा, इसलिये स्कूल को तोड़ा जा रहा है। वहीं स्कूल के ईट की चोरी होने की बात कहकर, उस ईट से मंदिर बनाया जा रहा है। पंचायत की ओर से भी यहां अस्पताल बनाने की बात कही गई है। उन्होंने कहा कि सरकारी भवन का ईट दूसरे कार्य में लगाना गैरकानूनी है। लेकिन चोरी से बचाने के ईट को मंदिर निर्माण के कार्य में लगाया जा रहा है।

वहीं स्कूल के प्रधानाध्यापक संजय सिकदार ने कहा कि हमारे स्कूल के अनुपयोगी स्कूल भवन को कौन और क्यों तोड़ रहा है, यह समझ से परे है। इसे देखने के बाद उच्च अधिकारियों के निर्देश पर कोतवाली थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई गई है। किसकी अनुमति से भवन तोड़ा गया है, इस बारे में कोई जानकारी नहीं है। स्कूल भवन के ईट से मंदिर की दीवार बनाई जा रही है।

जिला प्राथमिक शिक्षा संसद के अध्यक्ष लक्ष्य मोहन राय ने कहा कि स्कूल की इमारत को बिना अनुमति के तोड़ा जा रहा है। जैसे ही खबर हमारे पास पहुंची, हमने शिकायत दर्ज कराने के निर्देश दिए। यहां पहले स्कूल हुआ करता था लेकिन वह काफी दिनों से जर्जर अवस्था में पड़ा था। अब यहा स्वास्थ्य केंद्र चलता था। लेकिन अचानक किन लोगों ने तोड़फोड़ शुरू की, इसकी तलाश की जा रही है। उनलोगों ने किसी भी सरकारी स्कूल के घर को गिराने की इजाजत नहीं दी थी। सरकार की संपत्ति सरकार के घर में होगी, इसे कहीं और नहीं लगाया जा सकता। मैं मौके पर जाकर देखूंगा। मैं क्षेत्र के लोगों से बात करूंगा। इस विषय पर स्थानीय पंचायत और स्कूल की प्रबंधन समिति से भी बातचीत की जाएगी।


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