डिजिटल होंगी बंगाल की जिला और महकमा स्तरीय लाइब्रेरी, 35 हजार पुस्तकें तैयार
बंगाल सरकार जिला और महकमा स्तरीय पुस्तकालयों को डिजिटल कर रही है ताकि युवाओं को आकर्षित किया जा सके। अब ...और पढ़ें

HighLights
बंगाल की लाइब्रेरी होंगी डिजिटल, 35 हजार पुस्तकें तैयार।
युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए मिलेगी मुफ्त कोचिंग।
मंत्री ने मोबाइल लत पर चिंता जताई, खेल को बढ़ावा।
राज्य ब्यूरो, कोलकाता। बंगाल की जिला और महकमा स्तरीय कई लाइब्रेरी बदहाली से जूझ रही हैं। कहीं पुस्तकों की कमी है तो कहीं नई पीढ़ी ने पुस्तकालयों से दूरी बना ली है। युवाओं को फिर से लाइब्रेरी की ओर आकर्षित करने के लिए राज्य सरकार इन्हें डिजिटल बनाने की तैयारी कर रही है। राज्य के पुस्तकालय मंत्री गौरीशंकर घोष ने नदिया जिले में एक कार्यक्रम के दौरान यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि चालू वित्त वर्ष में इस दिशा में काम शुरू कर दिया गया है और अब तक करीब 35 हजार पुस्तकों को डिजिटल किया जा चुका है। दिसंबर में मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी इसका औपचारिक उद्घाटन करेंगे।
मंत्री ने कहा कि ग्रामीण और सीमांत क्षेत्रों के विद्यार्थियों तथा युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए पुस्तकालयों के माध्यम से मुफ्त कोचिंग उपलब्ध कराने की भी योजना है। इसमें यूपीएससी, नीट और डब्ल्यूबीसीएस जैसी परीक्षाएं शामिल होंगी। इसका उद्देश्य दूरदराज के विद्यार्थियों को बेहतर अध्ययन सामग्री और मार्गदर्शन उपलब्ध कराना है।
नदिया जिले के मुरुटिया थाना क्षेत्र स्थित दारे के मैदान हाईस्कूल परिसर में 16 टीमों की नाकआउट फुटबाल प्रतियोगिता के उद्घाटन समारोह में मंत्री ने मोबाइल की बढ़ती लत पर भी चिंता जताई। उनका कहना था कि नई पीढ़ी पढ़ाई और खेलकूद से दूर होकर जरूरत से ज्यादा मोबाइल पर निर्भर होती जा रही है। इस उम्र में मोबाइल पर अत्यधिक निर्भरता के कारण कुछ युवा अनजाने में आपराधिक गतिविधियों से भी जुड़ सकते हैं। उन्होंने करीमपुर और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के बच्चों को खेलकूद में अधिक रुचि लेने की सलाह दी।