दीपावली से पहले अमरपुर चाय बागान बंद, श्रमिकों के सामने रोजी-रोटी का संकट
दीपावली से ठीक पहले जलपाईगुड़ी के अमरपुर चाय बागान में प्रबंधन ने 'सस्पेंशन ऑफ वर्क' का नोटिस लगाकर बागान बंद ...और पढ़ें

बागाान में बैठी महिला श्रमिक
HighLights
दीपावली से पहले अमरपुर चाय बागान में तालाबंदी
बोनस विवाद के कारण 300 श्रमिकों पर संकट
प्रबंधन ने 'सस्पेंशन ऑफ वर्क' नोटिस चस्पा किया
जागरण संवाददाता, जलपाईगुड़ी। दुर्गा पूजा से पहले डुवार्स के भर्नाबाड़ी चाय बागान के बंद होने के बाद अब अमरपुर चाय बागान में भी ताला लटक गया है। दीपावली से महज तीन दिन पहले प्रबंधन ने सस्पेंशन आफ वर्क का नोटिस चस्पा कर बागान छोड़ दिया।
यह घटना जलपाईगुड़ी सदर ब्लाक की नगर बेरुबाड़ी ग्राम पंचायत के अमरपुर चाय बागान की है। काली पूजा से ठीक पहले बागान बंद होने से करीब 300 चाय श्रमिकों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है। श्रमिकों का कहना है कि त्योहार मनाना तो दूर, अब परिवार का भरण-पोषण कैसे होगा, यह सबसे बड़ी चिंता बन गई है।
मिली जानकारी के अनुसार, बकाया बोनस की मांग को लेकर पिछले कई दिनों से श्रमिक आंदोलन कर रहे थे। इस संबंध में श्रमिक जिला श्रम विभाग के अधिकारियों से भी मिले थे। इसी बीच बुधवार रात प्रबंधन ने बागान में सस्पेंशन आफ वर्क का नोटिस चस्पा कर दिया और वहां से चला गया।
दीपावली से पहले अमरपुर चाय बागान में तालाबंदी
चाय श्रमिकों का दावा है कि 167 एकड़ में फैले अमरपुर चाय बागान को बड़े चाय बागान की श्रेणी में रखा जाता है। इस आधार पर श्रमिकों को 20 प्रतिशत बोनस मिलना चाहिए था। लेकिन प्रबंधन की ओर से इस दर से बोनस का भुगतान नहीं किया गया।
बागान के श्रमिक प्रफुल्ल राय ने बताया कि उन्हें पहले जानकारी नहीं थी कि उनका बागान बड़े चाय बागानों की श्रेणी में आता है। इसी वजह से पिछले कई वर्षों से उन्हें 13.08 प्रतिशत की दर से बोनस दिया जाता रहा है। इस वर्ष भी इसी दर से बोनस का भुगतान किया गया।
बाद में जानकारी मिली कि बड़े चाय बागान की श्रेणी में होने के कारण उन्हें 20 प्रतिशत बोनस मिलना चाहिए। इसके बाद श्रमिकों ने श्रम विभाग का रुख किया।
प्रबंधन ने 'सस्पेंशन ऑफ वर्क' नोटिस चस्पा किया
इस मुद्दे पर 28 तारीख को बैठक होनी थी, लेकिन श्रमिकों का आरोप है कि बागान प्रबंधन बैठक में शामिल नहीं हुआ। इसके बाद शेष 6.02 प्रतिशत बोनस की मांग को लेकर आंदोलन शुरू किया गया। आरोप है कि इसके बाद ही प्रबंधन ने बागान बंद करने का फैसला लिया।
दूसरी ओर, इंडियन टी प्लांटर्स एसोसिएशन के सलाहकार अमृतांशु चक्रवर्ती ने कहा कि अमरपुर चाय बागान उनके संगठन का सदस्य है। हालांकि, इसे बड़े चाय बागान की श्रेणी में किस आधार पर रखा जा रहा है, यह समझ से परे है।
उन्होंने कहा कि मालिक पक्ष ने छोटे चाय बागान की श्रेणी के अनुसार श्रमिकों को 13.08 प्रतिशत बोनस दिया है। इसके बावजूद श्रमिकों ने मैनेजर का घेराव करने और आंदोलन सहित कई गतिविधियां कीं। इसी कारण मालिक पक्ष ने यह कदम उठाया है।
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