दुर्गापुर : पूर्वी कमांड के पानागढ़ सैनिक छावनी में माउंटेन स्ट्राइक दस्ता (ब्रह्मास्त्र दस्ता) का गठन किया जा रहा है। जिसका काम भी पिछले कुछ वर्षों से चल रहा है। बुधवार को आर्मी चीफ जनरल बिपिन रावत ने पानागढ़ सैनिक छावनी का दौरा कर जायजा लिया। माउंटेन स्ट्राइक कोर का सदर दफ्तर पानागढ़ सैनिक छावनी में है। इस कारण यहां बड़े स्तर पर व्यवस्था की जा रही है। आर्मी चीफ बुधवार की सुबह सेना के विशेष हेलिकॉप्टर से पानागढ़ पहुंचे, जहां से ब्रह्मास्त्र दस्ता के लेफ्टिनेंट जनरल पीएन राव ने सेना प्रमुख को पूरी स्थिति से अवगत करवाया। पानागढ़ दौरे के दौरान उन्होंने लेफ्टिनेंट जनरल अभय कृष्णा समेत विभिन्न सैन्य अधिकारियों संग चर्चा की। पानागढ़ सैनिक छावनी के दौरे के दौरान उन्होंने कार्य पर संतोष व्यक्त किया। इस दौरान उन्होंने अन्य अधिकारियों व जवानों से बातचीत भी की। उन्होंने हर चुनौती का सामना करने के लिए जवानों को समर्पण की भावना से तैयार रहने की अपील की। क्या है माउंटेन स्ट्राइक दस्ता : माउंटेन स्ट्राइक दस्ता विशेषकर पहाड़ी क्षेत्र में युद्ध करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। भारत-चीन की सीमा रेखा पहाड़ों से घिरी हुई है। जिसका अधिकांश इलाका पहाड़ी है। भारत के रक्षा मंत्रालय ने पूर्वांचल के पहाड़ी क्षेत्र में लड़ाई करने के लिए माउंटेन स्ट्राइक दस्ता बनाने का निर्णय लिया था। माउंटेन स्ट्राइक दस्ता काफी आक्रमणकारी माना जाता है। पानागढ़ में एयरफोर्स स्टेशन होने से सेना को भेजने में सुविधा :

पानागढ़ में सैनिक छावनी रहने के साथ-साथ कुछ ही किलोमीटर की दूरी पर एयर फोर्स स्टेशन भी है। जहां पहाड़ी व दुर्गम क्षेत्र में सेना व अन्य जरूरी सामग्री पहुंचाने के लिए यहां सी-130 हरक्यूलस विमान को भी रखा गया है। अगर चीन के साथ लड़ाई की नौबत आती है तो माउंटेन स्ट्राइक दस्ता को आसानी से भेजा जा सकता है।

Posted By: Jagran