जागरण संवाददाता, कोलकाता। बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी बुधवार को बुलबुल की विनाशलीला देखने उत्तर 24 परगना जिले के बशीरहाट इलाके में पहुंचीं। उनके साथ मुख्य सचिव राजीव सिन्हा सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे। दोपहर में यहां उन्होंने हेलीकॉप्टर से चक्रवात प्रभावित इलाके का हवाई सर्वेक्षण किया और इसके बाद जिला प्रशासन के अधिकारियों व जनप्रतिनिधियों के साथ समीक्षा बैठक की।

ममता बनर्जी ने कहा कि राहत कार्य में किसी तरह की राजनीति नहीं होनी चाहिए और यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि सभी को राहत सामग्री समय पर पहुंचाया जाए। इससे पहले सोमवार को सीएम ने सुंदरवन के विभिन्न प्रभावित इलाके का मुआयना किया था और प्रशासनिक बैठक में आवश्यक दिशा निर्देश दिया था।

गौरतलब है कि चक्रवात बुलबुल ने बशीरहाट महकमा में भारी तबाही मचाई है। यहां संदेशखाली एक नंबर व दो नंबर ब्लॉक, हासनाबाद, हिंगलगंज ब्लॉक व बशीरहाट एक नंबर ब्लाक में भारी तबाही का मंजर है। बुलबुल ने अकेले बशीरहाट महकमा में पांच लोगों की जान ली है।

समीक्षा बैठक करने के बाद मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा कि अभी भी कई इलाके जलमग्न हैं, किसी प्रकार की दुर्घटना न हो इस कारण बिजली काट दी गई है, लेकिन मैंने विद्यार्थियों के परीक्षा के मद्देनजर पांच लीटर मिट्टी का तेल और लालटेन देने को कहा है। यदि किताब-कॉपी नुकसान हुआ होगा तो इसकी भरपाई शिक्षा विभाग की ओर से की जाएगी।

मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा कि मोबाइल कैंप के जरिए लोगों का इलाज किया जाएगा। कैंप में चिकित्सक व आवश्यक दवाइयां रखी जाएंगी। उन्होंने कहा कि प्रभावित इलाके में प्रत्येक परिवार को ड्राइ फूड के साथ 12 किलो चावल, बेबी फूड आवंटित की जाएगी। चक्रवात में कई पेड़-पौधे उखड़ गए हैं इसे लेकर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने वन विभाग को अधिक पेड़ पौधे लगाने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि नदी के कमजोर बांध को भी दुरुस्त किया जा रहा है।

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