बालुरघाट, संवादसूत्र। अंतिम संस्कार करने गए मृत बच्चे के सर पर चोट के निशान एवं खून के दाग देखकर परिजनों ने शमशान घाट से वापस शव को लाकर अस्पताल के सामने जमकर प्रदर्शन किया। इस मौत की घटना को लेकर बालुरघाट जिला अस्पताल के खिलाफ लापरवाही का आरोप लगाकर परिजनों से मृत बच्चे की फिर से पोस्टमार्टम कराए जाने की मांग की।

आरोप है कि अस्पताल में कर्मचारियों के लापरवाही से बेड से गिरकर नवजात की मौत हो गई। केवल पोस्टमार्टम ही नहीं, बल्कि अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ लापरवाही का आरोप लगातार मृत बच्चे के परिजन ने बालुरघाट थाने में शिकायत दर्ज कराई। इधर विरोध प्रदर्शन की सूचना मिलते ही बालुरघाट थाना के आईसी जयंती दत्त काफी संख्या में पुलिस बल के साथ अस्पताल परिसर पहुंचे।

मालूम हो कि एक साल पहले बालुरघाट थाना के नुनईल गांव के अर्पित दास के साथ अयोध्या गांव के किसान साधन दास का विवाह हुआ था। गत शुक्रवार को अर्पिता देवी ने बालुरघाट सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में अपने पहले बच्चे को जन्म दिया। परिवारवालों का कहना है कि अर्पिता देवी ने कन्या बच्चे को जन्म दिया, जो एकदम स्वस्थ थी। लेकिन रविवार को अचानक अस्पताल से कहा गया कि नवजात की मौत हो गई।

महिला की मां पॉली दास ने कहा कि अस्पताल प्रबंधन ने उनलोगों को बताया कि मां के छाती से दूध पीने के दौरान दम घुटने से बच्चे की मौत हो गई है। उनलोगों की बात का भरोसा कर वे लोग बच्चे की अंतिम संस्कार करने शमशान घाट पहुंचे। लेकिन वहां पर बच्चे के शरीर एवं मुंह में चोट के निशान देखकर सभी आश्चर्य हो गए। बच्चे के मुंह पर खून जमा हुआ था। इसके बाद परिजनों ने बच्चे को वापस लाकर अस्पताल के सामने प्रदर्शन करने लगे। परिजन कपोति मंडल ने कहा कि जिला अस्पताल में एक झुला तक नहीं है। सिजर से होने वाले बच्चे को उसकी मां के पास जबरन रखा जाता है।

शनिवार रात तक मां व बच्चे दोनों ही स्वस्थ थे। इस सुबह में सूचना मिली कि वार्ड में किसी बच्चे की गिरने से मौत हो गई है। यह हमलोगों का बच्चा होगा, यह समझ नहीं पाए। शमशान घाट में जाने के बाद पूरा मामला समझ में आया।

अंत में काफी दबाव के बाद बालुरघाट अस्पताल प्रबंधन ने फिर से बच्चे का पोस्टमार्टम करने का निर्णय लिया। इधर थाने में शिकायत दर्ज कराई गई है। दूसरी ओर अस्पताल प्रबंधन की ओर से कोई बयान जारी नहीं किया गया है। 

Posted By: Preeti jha

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