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दार्जिलिंग, जागरण संवाददाता। प्रदेश भाजपा अध्यक्ष दिलीप घोष ने तृणमूल सरकार पर हिल्स के लोगों में विद्वेष पैदा करने का आरोप लगाया है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के दार्जिलिंग दौरे की पृष्ठभूमि में घोष ने कहा कि मुख्यमंत्री के दौरे से एक बार फिर शांत पहाड़ को अशांत होने का खतरा महसूस हो रहा है। 

यहां बता दें कि बीते साल जून महीने में पृथक गोरखालैंड राज्य की मांग को लेकर गोजमुमो के नेतृत्व में व्यापक आंदोलन किया गया। इस कारण लगातार 104 दिनों तक हिल्स पर अशांति बनी रही। आंदोलन की शुरुआत स्कूलों में बांग्ला विषय को अनिवार्य रूप से पढ़ाने को लेकर हुई थी। अब पहाड़ पुरी तरह से शांत है। इस बीच मुख्यमंत्री ममता बनर्जी करीब सात महीने के अंतराल के बाद एक बार फिर दार्जिलिंग गई हैं। 
इस पर बुधवार को बोलते हुए घोष ने कहा कि राज्य सरकार की नीतियों के कारण बीते साल हिल्स पर अशांति पैदा हुई। तृणमूल वहां राजनीतिक वर्चस्व स्थापित करना चाहती थी जिस कारण पहाड़ पर ¨हसा हुई जिसमें बेगुनाह लोगों का लहू बहा। घोष ने कहा कि विनय तमांग के सहारे तृणमूल अपना लक्ष्य हासिल कर रही है जिन्होंने अपने ही नेता विमल गुरुंग को धोखा दिया। मालूम हो कि तमांग अब गोजमुमो व गोरखा क्षेत्रीय प्रशासन (जीटीए) को संभाल रहे हैं। वहीं, गुरुंग बीते साल अगस्त से ही लापता हैं। हिल्स पर हुई हिंसा के दौरान दार्जिलिंग और आसपास के इलाकों में हुए बम धमाके को लेकर पश्चिम बंगाल सरकार की ओर से उनपर यूएपीए के तहत मामला दर्ज कराया गया है। बाद में गुरुंग को पार्टी से भी निकाल दिया गया था।
दिलीप घोष ने कहा कि राज्य सरकार की फूट डालो शासन करो की राजनीति के कारण पहाड़ पर अशांति पैदा हुई थी। कहा कि मुख्यमंत्री बोर्ड स्थापित करने के नाम पर वहां के लोगों को 11 समूहों में विभाजित कर रहीं थीं और एक बार फिर उनके द्वारा यही किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि बिमल गुरुंग को यूएपीए के तहत आरोपी बनाया गया जबकि विनय तमांग स्कॉट के साथ घूम रहे हैं क्योंकि उन्होंने तृणमूल के साथ समझौता कर लिया।
 

Posted By: Preeti jha

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