सिलीगुड़ी, आनलाइन डेस्‍क। आज महासप्‍तमी के अवसर पर रविवार (2 अक्‍टूबर) को गोरखा कल्‍याण संगठन ने भव्‍य फूलपाती शोभायात्रा निकाली। शोभायात्रा चेकपोस्‍ट से शुरु होकर बीएसएफ रोड, सालुगढ़ा होते हुए राम सिंह ठकुरी रंगमंच भवन पहुंची। यहां देवी दुर्गा की पारंपरिक पूजा के बाद रंगारंग सांस्‍कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान समाज की प्रतिभाओं को भी 'हाम्रो गौरव' सम्‍मान से सम्‍मानित किया गया। कार्यक्रम में सिलीगुड़ी सहित आस-पास के कई गांवों से गोरखा समाज के लोगों, बीएसएफ, असम राइफल्‍स, एसएसबी के अवकाश प्राप्‍त जवानों सहित कई सामाजिक संगठनों के लोगों ने हिस्‍सा लिया। 

राम सिंह ठकुरी रंगमंच भवन में स्‍थापित मांं दुर्गा की प्रतिमा। जागरण फोटो। 

मां दुर्गा के स्‍वागत में निकाली जाती फूलपाती शोभा यात्रा 

गोरखा समाज द्वारा दुर्गा पूजा के दौरान षष्‍ठी को मां दुर्गा को पृथ्‍वी पर आने का निमंत्रण देकर उनकी प्रतिमा स्‍थापित की जाती है। महासप्‍तमी को मांं दुर्गा के स्‍वागत में भव्‍य फूलपाती शोभा यात्रा निकालने के साथ ही रंगारंग कार्यक्रग सांस्‍कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया जाता है।  इसमें शामिल जनसमूह पारंपरिक वस्‍त्र धारण कर डोली में फूलपाती लेकर बैंड-बाजे के साथ शोभा यात्रा निकालते हैं। शोभा यात्रा का मुख्‍य आकर्षण झांकियां व पारंपरिक नृत्‍य-संगीत होता है। 

 

सांस्‍कृतिक  कार्यक्रम की प्रस्‍तुति देतींं युवतियां। जागरण फोटो।  

वीर बलिदानियों के सम्‍मान में प्रदर्शनी 

गोरखा कल्‍याण संगठन द्वारा कार्यक्रम स्‍थल पर शहीदों के सम्‍मान में प्रदर्शनी लगाई गई थी। इसमें स्‍वतंत्रता संग्राम संघर्ष से लेकर स्‍वतंत्रता के बाद देश के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरु के प्रथम ऐतिहासिक भाषण की ओरिजनल चित्रों की प्रदर्शनी लगाई गई थी। देश की आजादी में नेताजी सुभाषचंद्र बोस के योगदान सहित गोरखा समाज के बहादुर व देश पर बलिदान होनेवाले वीर सिपाहियों की गाथाएं भी प्रदर्शिेत की गई थी। 

वीर बलिदानियों व स्‍वाधीनता संग्राम संघर्ष की चित्र प्रदर्शनी। जागरण फोटो। 

 

ग्रामीण जीवन की झलकियां। जागरण फोटो। 

परंपरा व संस्‍कृति का परिचय 

जलपाईगुड़ीवाले गोरखा कल्‍याण संगठन के अध्‍यक्ष रमेश थापा ने बताया कि हमारे संस्‍कार, संस्‍कृति तथा परंपरा हमारा गर्व हैं। प्रदर्शनी का उद्देश्‍य नई पीढ़ी को वीर बलिदानियों के योगदान से परिचित कराना और देश सेवा के लिए निरंतर प्रेरित करना है। कार्यक्रम स्‍थल पर गोरखा मांगर जाति के रहन-सहन, प्रकृति से उनका समन्‍वय आदि दर्शातें हुए झांकियांं प्रदर्शित की गई थी। इसके अलावा गोरखा जाति की महलिाओं के पारंपरिक आभूषण, दैनिक ग्रामीण जीवन में उपयोग होनेवाली वस्‍तुओं ढेंकी, चक्‍की आदि के साथ पारंपरिक खुकुरी, ढाका टोपी, सुरखे थैली ग्रामीण शैली के घर एवं पारंपरिक वाद्य यंत्रों की भी प्रदर्शनी लगाई गइ्र थी। बच्‍चे इस प्रदर्शनी को बड़े चाव से देख रहे थे। अभिभावक भी अपनी परंपरा और संस्‍कृति से बच्‍चों का परिचय कराते हुए गर्व का अनुभव कर रहे थे। 

 

नन्‍हीं बच्‍ची उत्‍सुकता से पारंपरिक वस्‍तुओं व ग्रामीण जीवन की झलकियां देखतींं और सवाल करतीं हुई। जागरण फोटो।  

इन्‍हें मिला 'हाम्रो गौरव' सम्‍मान  

ऋषिक ठकुरी -   अव्‍वल विद्यार्थी 

प्रिया छेत्री -       राज्‍य स्‍तरीय खोखो खिलाड़ी व धावक

विपशना छेत्री -    अंतरराष्‍ट्रीय कराटे विजेता- 2019 

अमृत माझी -     अंतरराष्‍ट्रीय कराटे विजेता- 2022

गार्गी शर्मा -      राष्‍ट्रीय कराटे खिलाड़ी 

त्रिलेखा गुरुंग-    राष्‍ट्रीय बाॅक्सिंग खिलाड़ी 

सीमा विश्‍वकर्मा -   राष्‍ट्र स्‍तरीय विद्यालय खोखो खिलाड़ी 

हरिप्रसाद शर्मा -   प्रसिद्ध ज्‍योतिषी व समाजसेवी 

मैते थापा  -     विशिष्‍ट टंकनकर्ता व समाजसेवी 

विनोद तमांग - गोरखा ऑल इंडिया बाइक राइडर 

अमर प्रधान -  उत्‍कृष्‍ट पत्रकार व समाजसेवी 

शशि गुरुंग -   समाजसेविका 

इसके अलावा संगठन के पूर्व पदाधिकारियों भानु प्रकाश 'मार्मिक', प्रितम राई और गणेश पुन को खादा पहनाकर व स्‍मृति चिन्‍ह देकर सम्‍मानित किया गया। इस अवसर पर समाज के 80 से ज्‍यादा उम्र के वरिष्‍ठ नागरिकों निमा तमांग व कर्ण कुमारी तमांग को सम्‍मानित किया गया। पूरे कार्यक्रम का संचालन गणेश गजमेर व राजू साशंकर ने किया। 

Edited By: Sumita Jaiswal

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