72 घंटे बाद पेट्रापोल सीमा पर शुरू हुआ माल की लोडिंग-अनलोडिंग का काम
भारत-बांग्लादेश अंतरराष्ट्रीय पेट्रापोल सीमा पर 72 घंटे से ठप पड़ा माल की लोडिंग और अनलोडिंग का काम बुधवार को फिर ...और पढ़ें

HighLights
पेट्रापोल सीमा पर 72 घंटे बाद काम फिर शुरू।
मजदूर संगठनों के आपसी विवाद से व्यापार ठप था।
फंसे 180 ट्रकों को अब राहत मिली है।
जागरण संवाददाता, बनगांव। भारत-बांग्लादेश अंतरराष्ट्रीय पेट्रापोल सीमा पर 72 घंटे से ठप पड़ा माल की लोडिंग और अनलोडिंग का काम बुधवार को फिर से शुरू हो गया। इससे सीमा पार व्यापार से जुड़े कारोबारियों और परिवहन क्षेत्र के लोगों ने राहत की सांस ली है। मजदूर संगठनों के बीच आपसी विवाद के कारण आयात-निर्यात की गतिविधियां प्रभावित हो रही थीं। इस दौरान भारतीय भूमि पत्तन प्राधिकरण (एलपीएआई) के पार्किंग क्षेत्र में करीब 180 ट्रक फंसे रहे।
सूत्रों के अनुसार भारतीय मजदूर संघ के भीतर गुटबाजी के कारण यह स्थिति उत्पन्न हुई थी। आरोप है कि राज्य में सत्ता परिवर्तन के बाद पेट्रापोल में बीएमएस की मजदूर यूनियन पर नियंत्रण को लेकर नेताओं के बीच वर्चस्व की लड़ाई चल रही है। सोमवार को इस विवाद को सुलझाने के लिए पेट्रापोल लैंड पोर्ट के प्रबंधक के साथ बैठक हुई थी। इसमें विभिन्न मजदूर संगठनों के प्रतिनिधि भी शामिल हुए। बैठक में बीएमएस के मजदूरों को दो गुटों में बांटकर लोडिंग-अनलोडिंग के काम का अलग-अलग हिस्सा देने का प्रस्ताव रखा गया था। हालांकि, इस प्रस्ताव पर सहमति नहीं बन सकी।
सीमा शुल्क आयुक्त से मांगा गया था हस्तक्षेप
इधर, पेट्रापोल क्लीयरिंग एजेंट्स स्टाफ वेलफेयर एसोसिएशन के सचिव कार्तिक चक्रवर्ती ने बुधवार को सीमा शुल्क आयुक्त को ई-मेल भेजकर तत्काल हस्तक्षेप की मांग की थी। उनका कहना था कि राजनीतिक हस्तक्षेप के कारण मजदूर बांग्लादेश से आने वाले मालवाहक वाहनों से सामान उतारने में डर रहे थे। बुधवार को विभिन्न मजदूर संगठनों की बैठक के बाद काम सामान्य हुआ और आयात-निर्यात की गतिविधियां फिर से सुचारु हो गईं।