कोलकाता, [ जेएनएन] । गोरखा जनमुक्ति मोर्चा (गोजमुमो) के प्रमुख बिमल गुरुंग ने दार्जिलिंग में बेमियादी बंद के दौरान हुई हिंसा के पीछे ममता सरकार और गोजमुमो के निष्कासित नेता विनय तमांग का हाथ बताते हुए इसकी एनआइए जांच की मांग की है। गुरुंग के खिलाफ हत्या, दंगा, आगजनी समेत विभिन्न मामलों में गैरकानूनी गतिविधि निरोधी अधिनियम (यूएपीए) के तहत मामले दर्ज किए गए हैं और फिलहाल फरार हैं।

गुरुंग ने मंगलवार को विज्ञप्ति जारी कर कहा कि विनय तमांग ने उनसे और गोजमुमो की केंद्रीय कमेटी से परामर्श किए बिना कई महत्वपूर्ण फैसले किए। गत 16 जून को बेमियादी हड़ताल का फैसला तमांग ने खुद से लिया था। 8 अगस्त के बाद उन्होंने आंदोलन को भड़काया। 18 अगस्त को दार्जिलिंग में बमबाजी हुई। वो कोई संयोग नहीं था। बंगाल पुलिस ने तुरंत उनके और कई गोजमुमो नेताओं के खिलाफ यूएपीए के तहत मामला दर्ज कर दिया लेकिन आंदोलन को भड़काने वाले विनय तमांग के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई। उनके खिलाफ मामले थोंपे जा रहे थे जबकि तमांग ने खुद को गोजमुमो का समन्वयक नामांकित कर लिया।

29 अगस्त को तमांग ने राज्य सचिवालय नवान्न जाकर बैठक की और उसके बाद उन्हें भारी सुरक्षा प्रदान की गई। तमांग और अमित थापा के खिलाफ ढेर सारे मामले हैं लेकिन वे पुलिस सुरक्षा में घूम रहे हैं। गुरुंग ने उम्मीद जताई कि एनआइए जांच में वे बेकसूर साबित हो जाएंगे।

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Posted By: Preeti jha

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