- उत्कृष्ट मत्स्य व सुअर पालकों को हर वर्ष पुरस्कार के रूप में मिलेगा 2 लाख रुपया

- 25 सालों तक किसानों के हित में जो नहीं हुआ वो अब हो रहा है।

- वित्तीय वर्ष 2020-21 में किसानों को सिक्किम मिल्क यूनियन से 13 करोड़ रुपये दिए गए

- राज्य में प्रतिदिन 55 हजार लीटर दूध उत्पादित हो रहा

संसू. गंगटोक:मछली और पर्क (सुअर) मीट डिमाड को राज्य में उत्पादित करने के लिए सिक्किम के मत्स्य पालक और सुअर पालकों को प्रोत्साहित किया जा रहा है। राज्य पशुपालन विभाग ने मुख्यमंत्री पशुधन योजना के तहत मत्स्य और सुअर पालक किसानों के लिए प्रोत्साहन राशि योजना आरंभ किया है। इन योजनाओं को मुख्यमंत्री मत्स्य उत्पादन योजना और पिग प्रोडक्शन इंसेंटिव स्कीम नाम दिया गया है। दोनों योजनाओं के शुभारंभ राज्य के मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तामाग (गोले) ने की है। यहा के रानीपुल परिसर स्थित सरमसा गार्डन में आयोजित कार्यक्त्रम में मुख्यमंत्री गोले मुख्य अतिथि थे।  

कार्यक्त्रम को संबोधित करते हुए पूर्व सरकार में किसानों के हित में कुछ काम ना होने की मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया। मुख्यमंत्री गोले ने कहा कि पूर्व सरकार में किसानों को ध्यान में रखकर ऐसे कार्यक्त्रम आयोजित नहीं किया जाता था। 25 सालों तक किसानों के हित में जो नहीं हुआ वो अब हो रहा है। किसानों की  हित में एसकेएम सरकार की पहलों को बताते हुए मुख्यमंत्री गोले ने कहा वर्तमान सरकार ने राज्य के दुग्ध उत्पादकों के लिए प्रति लीटर 8 रुपये की प्रोत्साहन राशि दिया है। वित्तीय वर्ष 2020-21 में किसानों के खातों में सिक्किम मिल्क यूनियन के माध्यम से कुल 13 करोड़ रुपये प्रदान किया गया है। उन्होंने कहा कि पूर्व सरकार में राज्य में दूध का उत्पादन केवल 15 हजार लीटर था। जब वर्तमान सरकार ने किसानों को 8 रुपये प्रति लीटर प्रोत्साहन राशि देना आरंभ किया तब से राज्य में प्रतिदिन 55 हजार लीटर दूध उत्पादित किया जा रहा है। अब सिलीगुड़ी से सिक्किम मिल्क लिखे दुध वाहन सिक्किम नहीं आएंगे , मुख्यमंत्री ने कहा।

पीग प्रोडक्शन इंसेंटिव स्कीम.... 

-मुख्यमंत्री ने कहा कि सुअर पालकों के लिए नयी योजना के बारे में बोलते हुए मुख्यमंत्री गोले ने कहा कि सुअर पालक किसानों को कम से कम तीन सूअर पालना अनिवार्य है। एक सूअर 50 किलोग्राम होने के बाद राज्य सरकार की तरफ से 5000 रुपये प्रोत्साहन राशि दिया जाएगा। इस योजना के तहत एक किसान 20 सुअर तक पालकर लाभ उठा सकता है और 20 सुअर पालने वाले किसान को वार्षिक एक लाख रुपये प्रोत्साहित राशि प्रदान किया जाएगा। इसके साथ ही सुअर का बीमा भी किया जाएगा।

उल्लेख किया जाता है कि सिक्किम छोटा सा राज्य होने के कारण उत्पादन के साथ ही बाजारीकरण का भी ध्यान देना होता है। विभागीय जानकारी के मुताबिक सिक्किम में पर्क मीट का डिमाड प्रति साल 600 मेट्रिक टन है। इसका मार्केट वैल्यू देखा जाए तो 14.50 करोड़ के करीब होता है। इगर सिक्किम का डिमाड सिक्किम में ही उत्पादित किया जाए तो बाहर से पर्क मीट लाने की आवश्यकता नहीं है। जानकारी के मुताबिक इस समय सिक्किम के चेकपोस्ट से 6-7 मीट्रिकटन पर्क बाहरी राज्यों से लाया जा रहा है। उल्लेख किया जाता है कि पशुपालन विभाग में कुल 2,366 पिग फार्मर पंजीकृत है अब तक राज्य सरकार की तरफ से कुल 1966 किसानों को प्रोत्साहन राशि प्रदान किया जा चुका है, जिसमें 3 करोड़ रुपया प्रदान किया गया है। मुख्यमंत्री गोले ने घोषणा की है कि प्रत्येक साल उत्कृष्ट सुअर पालक को दो लाख रुपये से पुरस्कृत किया जाएगा।

मुख्यमंत्री मत्स्य उत्पादन योजना...

-मुख्यमंत्री मत्स्य उत्पादन योजना के बारे में बोलते हुए मुख्यमंत्री गोले ने कहा कि राज्य सरकार ने मत्स्य उत्पादकों के लिए भी पहल किया है। मत्स्य पालकों के साथ ही मछुआरे (जो माछा मारकर जीविकोपार्जन कर रहे है) के लिए भी सरकार ने योजना बनाया है। मत्स्य पालक और मछुआरों को राज्य सरकार ने उनके सामग्रियों की खरीदारी में 60 प्रतिशत तक सहयोग किया है। मछुआरे केवल राज्य सरकार के मत्स्य पालन निदेशालय अंतर्गत पंजीकृत होना चाहिए। मुख्यमंत्री गोले ने कहा कि मत्स्य पालकों के लिए सिलीगुड़ी बड़ा बाजार है। सिक्किम में उत्पादित ट्राउट मछली का विशेष डिमाड रहेगा। अगर सिक्किम के मत्स्य उत्पादक यहा की डिमाड पूरी करेंगे तो राज्य बाहर से आने वाली मछलियों में टैक्स लगाया जा सकता है। उल्लेख किया जाता है कि राज्य में कुल 2008 पंजीकृत किसान है। इसके साथ ही मुख्यमंत्री गोले ने घोषणा की है कि आगामी साल से प्रत्येक वर्ष उत्कृष्ट मत्स्य उत्पादक को दो लाख रुपये पुरस्कार के रूप में प्रदान किया जाएगा।

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गुड़गाव के आलिशान भवन से राजनीति कर रहे पवन चामलिंग: मुख्यमंत्री पीएस गोले

- सरमसा में आयोजित कार्यक्त्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री गोले ने पूर्व सरकार और मुख्यमंत्री पर आक्त्रमण बोला। पूर्व सरकार पर बरसते हुए मुख्यमंत्री गोले ने कहा कि पूर्व सरकार ने राज्य सरकार पर 2,959 करोड़ रुपये का ऋण लगाया है, इसका हिसाब हो रहा है। पूर्व मुख्यमंत्री पवन चामलिंग का नाम लिए बगैर उन्होंने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री फिलहाल दिल्ली के गुड़गाव स्थित एक आलीशान भवन में छिपकर राजनीति कर रहे है। राजनीति छुपकर नहीं किया जाता। उन्होंने आगे कहा है कि मुख्यमंत्री जनता और अपने कार्यकर्ता से सामना नहीं कर पा रहे है। मुख्यमंत्री गोले ने कहा पूर्व मुख्यमंत्री दिल्ली में रहकर एसकेएम सरकार को सत्ताच्युत करने की बात कह रहे है। यह प्रजातंत्र है प्रजातंत्र में अकेला आदमी सरकार कैसे गिरा सकता है उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री पर व्यंग्य किया। उल्लेख किया जाता है कि पूर्व मुख्यमंत्री तथा एसडीएफ पार्टी के अध्यक्ष साल 2019 के चुनाव में 13 विधानसभा सीटों पर जीतने के बाद भी एसडीएफ पार्टी में अकेले है। उनकी पार्टी से चुनाव जिते 10 विधायक केंद्रीय भाजपा में शामिल है और दो विधायक सत्तारूढ़ एसकेएम पार्टी में है। फिलहाल पूर्व मुख्यमंत्री पवन चामलिंग अपनी एसडीएफ पार्टी में अकेले विधायक है।

Edited By: Jagran