सिलिगुड़ी, अशोक झा।  इस दिनों लोग लॉक डाउन में है।सबको एक ही चिंता है अब क्या होगा। जन्म से ही कोई खुशमिजाज नहीं होता। खुशमिजाज लोग धीरे-धीरे यह कला सीखते हैं। हर हाल में सकारात्मकता को तलाशें। आपको कमियां ही कमियां दिखती हैं, तो इसका मतलब है कि आप खुशियों से खुद दूरी बना रही हैं। यह समझना बेहद जरूरी है कि किसी की जिंदगी परफेक्ट नहीं होती। इसको लेकर आर्युवेद विशेषज्ञ व चिकित्सक राज धवल सिंह ने दैनिक जागरण से विशेष बातचीत की।

उन्होंने बताया कि कैसे खुश रहकर खान-पीन को संतुलित करते हुए कोरोना को हरा सकते है। आर्युवेद विशेषज्ञ राज धवल सिंह का कहना है कि जो आपके पास नहीं है, उसकी जगह जो कुछ मौजूद है, आपके हिस्से है।कमजोर इम्यूनिटी वाले लोग आसानी से वायरस का शिकार हो जाते हैं।  ऐसे में शरीर की इम्यूनिटी बढ़ाने के लिए खान-पान का विशेष ध्यान रखने की जरूरत है।

कोरोना के वही शिकार हो रहे है जिनका इम्यूनिटी सिस्टम कमजोर है। बच्चों और बुजुर्गों में आम तौर पर देखा जाता है। इसको लेकर जानना जरूरी है कि कौन से फूड शरीर की प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने का काम करते हैं। जैसे- खट्टे फल अधिकतर रोगों में डॉक्टर मरीज को सिट्रस फ्रूट्स यानी खट्टे फल खाने की सलाह देते हैं। विटामिन सी इम्यून सिस्टम बढ़ाता है और कोल्ड-कफ से लड़ने के लिए शरीर को मजूबत बनाता है।  सिट्रस फ्रूट्स में अंगूर, संतरे, कीनू, नींबू आते हैं।

ब्रोकली- ब्रोकली में ब्रोकली में विटामिन ए, सी,  और ई साथ-साथ कई अन्य एंटीऑक्सिडेंट और फाइबर भी पाए जाते हैं। ब्रोकोली सबसे सेहतमंद सब्जियों में से एक है. इसमें प्रोटीन, कैल्शियमस कार्बोहाइड्रेट और कई दूसरे पोषक तत्व भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं।

अदरक- अदरक में कई तरह के एंटी वायरल तत्व पाए जाते हैं।  इसलिए अपने खाने-पीने की चीजों में इसे जरूर शामिल करें। सौंफ या शहद के साथ इसका सेवन करने से इसके परिणाम ज्यादा बेहतर होंगे।  दिन में 3-4 बार अदरक का सेवन करने से आपका इम्यून सिस्टम अच्छा रहेगा।

लहसुन- लहसुन में भी कई तरह के एंटी वायरल तत्व पाए जाते हैं। सूप या सलाद के अलावा आप इसे कच्चा भी खा सकते हैं। एक चम्मच शहद के साथ लहसुन का सेवन आपके इम्यूनिटी सिस्टम को बूस्ट करने का काम करता है।

तुलसी- इम्यूनिटी सिस्टम को बेहतर बनाने वाले तत्वों से भरपूर तुलसी बेहद गुणकारी है। रोजाना सुबह एक चम्मच तुलसी लेने से आपका इम्यूनिटी सिस्टम बेहतर होता है। तीन चार  काली मिर्च और एक चम्मच शहद के साथ इसका सेवन करने से आपके शरीर को रोगों से लड़ने की ताकत मिलती है। 

पालक- पालक में ना सिर्फ विटामिन सी बल्कि कई एंटीऑक्सिडेंट और बीटा कैरोटीन भी होता है जो हमारे शरीर में संक्रमण से लड़ने की क्षमता को बढ़ाता है। ब्रोकली की तरह पालक भी उतना ही सेहतमंद होता है। इसके पोषक तत्वों को बनाए रखने के लिए इसे पूरी तरह ना पकाए।

बादाम- जुकाम से बचाव के लिए शरीर में विटामिन ई का होना बहुत जरूरी। विटामिन ई इम्यून सिस्टम को स्वस्थ रखता है। बादाम में विटामिन ई के साथ-साथ हेल्दी फैट भी पाया जाता है। आधा कप बादाम आपके हर दिन के जरूरतमंद विटामिन मात्रा को पूरा करेगा।

हल्दी- हल्दी को सबसे सेहतमंद मसाला माना जाता है। हल्दी में एंटीइंफ्लेमेटरी गुण पाए जाते हैं।  हल्दी में पाया जाने वाला करक्यूमिन मांसपेशियों की रक्षा करती है । लोगो को मजबूत बनाती है। 

पपीता- पपीता भी विटामिन सी का अच्छा स्त्रोत है। पपीते में पपेन पाया जाता है जो एक पाचक एंजाइम होता है। पपीते में पोटेशियम, विटामिन बी और फोलेट की अच्छी मात्रा होती है, जो आपके पूरे शरीर के लिए फायदेमंद है। 

स्टार सौंफ- खाने की चीजों में जायका बढ़ाने वाली स्टार सौंफ को भी एंटी-वायरल दवा के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है। इसमें शिकिमिक एसिड पाया जाता है जो इंफ्लूएंजा वायरस से पीड़ित रोगियों को भी दिया जाता है। 

बेरीज- अंगूर, ब्लू बेरीज, क्रैनबेरीज, स्ट्रॉबेरीज, कोकोआ, डार्क चॉकलेट जैसी खाने की चीजें न सिर्फ पैराबैंगनी किरणों और फंगल इंफेक्शन के मामले में असरदार हैं, बल्कि ये तमाम तरह के वायरस से भी शरीर की सुरक्षा करते हैं। 

नारियल का तेल- घर में खाना बनाते समय सरसों के तेल या रिफाइंड की जगह नारियल के तेल का इस्तेमाल करना ज्यादा बेहतर होगा।  इसमें लॉरिक एसिड और कैप्रीलिक एसिड होता है जो आपके इम्यूनिटी सिस्टम को बूस्ट कर वायरल से सुरक्षा करता है। 

योगर्ट- डॉक्टरों का कहना है कि रोजाना योगर्ट खाने से शरीर की इम्यूनिटी बढ़ती है।  योगर्ट मांसपेशियों के खिंचाव में भी आराम पहुंचाता है।  योगर्ट खाने से वर्कआउट के बाद की रिकवरी तेजी से होती है। 

 ग्रीन टी-  बंगाल का यह पूरा क्षेत्र चाय के लिए जाना जाता है।शरीर को स्वस्थ रखने में ग्रीन टी बहुत कारगर है।ये शरीर से विषैले तत्वों को बाहर निकालती है। इसके अलावा पाचन क्रिया को भी दुरुस्त रखती है। रोजाना ग्रीन टी पीने से इम्यूनिटी बढ़ती है।

फ्रिज में ज्यादा सामानों को ना रखें

खाद्य पदार्थों को तुरंत फ्रिज में रखने से उन पर बैक्टीरिया की मात्रा बढ़ सकती है। इसलिए फ्रिज में रखने से पहले सामान को कमरे के तापमान पर ही ठंडा कर लें। फ्रिज का तापमान चार डिग्री सेल्सियस पर रखना चाहिए व फ्रीजर 0 डिग्री से नीचे। इस तापमान में सूक्ष्मजीव जन्म नहीं लेते, जो सामान खराब होने से बचाते हैं। समय का ध्यान रखें खराब होने वाले पदार्थों को बैक्टीरिया से बचाने के लिए सिर्फ दो घंटे तक के लिए फ्रिज में रखें। अगर अंदर का तापमान ज्यादा ठंडा है तो समय को कम करके एक घंटा कर दें। हमेशा खाने को ढक कर ही रखें। फ्रिज में अंदर की हवा सूखी होती है, जो खुले खाने को भी सूखा कर उसे अरुचिकर बना देती है। तेज सुंगध वाले खाद्य पदार्थ की महक नरम खाद्य पदार्थों पर पहुंच जाती है।

इसका हर परिवार को करना होगा  पालन

फ्रिज को साफ रखें। फ्रिज के पीछे और नीचे की साइड सबसे ठंडी जगह होती है तो ऐसा कोई भी खाद्य पदार्थ जो जम सकता है, उसे पीछे और नीचे की तरफ रखने से परहेज करना चाहिए।

फ्रिज का दरवाजा सबसे गर्म जगह होती है, इसलिए मसालों आदि को दरवाजे में रखा जाना चाहिए।

मक्खन को फ्रिज में ढके हुए स्थान पर रखना चाहिए जबकि, मीट और मछली को नीचे की तरफ और बाकी सामान जहां फिट हो सके वहां रखना चाहिए।

हर तीन हफ्ते में फ्रिज को खाली करके, अंदर के हिस्से को बेकिंग सोडा से साफ करें और सारा सामान जल्दी से वापस रख दें।

सब्जियों और फलों को पहले अच्छे से धोकर सूखा लें और फ्रिज में उन्हें सही जगह पर स्टोर करें, जो कि फ्रिज में सबसे नीचे की ओर ट्रे दी गई होती है।

दालों को कीड़े व घुन से बचाने के लिए उन्हें ठंडी जगह पर रख देना ही कोई हल नहीं है। उनमें कुछ लौंग डालकर हवा बंड डिब्बों में रखें। कैचअप, चॉकलेट सॉस, आदि संरक्षक के साथ आते हैं, इसलिए इन्हें एक-दो महीने तक फ्रिज में रख सकते हैं। मसालों को ठंडी जगह रखने की जरूरत नहीं।

ड्राई फ्रूट्स और नट्स को को हवा बंद डिब्बे में रख के फ्रिज में रखें। अगर इन्हें ठंडी जगह पर रखा जाए, तो यह लंबे समय तक हेल्दी रहते हैं। फल फ्रिज में तभी रखना चाहिए जब वह खराब होने की स्थिती में हों। टमाटरों को भी अगर फ्रिज में रखा जाए, तो वह अपना स्वाद खो देते हैं।आम धारणा है जब तक ब्रेड पर फफूंदी नहीं लगती, तब तक वह खराब नहीं होती पर ब्रेड को सिर्फ कमरे के तापमान पर ही रखना है।

दूध में बैक्टीरिया जल्दी पनपते हैं, इसलिए दूध गर्म करके ही रखें। आप इसकी तारीख समाप्त होने तक फ्रिज में दो सप्ताह या उससे अधिक समय तक रख सकते हैं

Posted By: Preeti jha

डाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस