-पूरे इलाके में दहशत का माहौल

-वन विभाग के खिलाफ लोगों में रोष

जागरण संवाददाता, सिलीगुड़ी : शहर से थोड़ी दूर बागडोगरा के केष्टोपुर अंतर्गत ताराबाड़ी इलाके में जंगली हाथी के आ धमकने का आतंक थमने का नाम ही नहीं ले रहा है। इस इलाके में आए दिन जंगली हाथी आ धमकते हैं व काफी कुछ क्षतिग्रस्त कर वापस जंगल चले जाते हैं। इसी कड़ी में बीते गुरुवार देर रात भी एक जंगली हाथी इलाके में आ धमका। उसने कुल मिला कर 11 मकानों व दुकानों को क्षतिग्रस्त कर दिया। हालांकि, किसी व्यक्ति को कोई शारीरिक नुकसान पहुंचाया। आए दिन इस तरह की घटना को लेकर इलाके के लोगों में खासा रोष है। इसके साथ ही पूरे इलाके में दहशत का भी माहौल है। लोग इस घटना के बाद से काफी डरे हुए हैं।

इलाके के लोगों का आरोप है कि बार-बार गुहार लगाने के बावजूद इस दिशा में वन विभाग रोकथाम के कोई उपाय नहीं कर रहा है। ऐसे मामले पर विज्ञान मंच ने भी रोष जताया है। कहा जा रहा है कि वन क्षेत्र में भोजन के अभाव के चलते ही जंगली हाथी भोजन की तलाश में मनुष्यों की आबादी वाले इलाके में आ धमकते हैं। इस दिशा में भी रोकथाम बहुत जरूरी है वरना कभी भी कुछ बड़ी अनहोनी हो जाने की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता। इस बारे में वन विभाग की घोषपुकुर इकाई का कहना है कि प्रभावित परिवार को क्षतिपूर्ति दी जाएगी। वहीं, मनुष्यों की आबादी में जंगली हाथी न आ धमकें, इसकी रोकथाम हेतु हर आवश्यक उपाय किए जा रहे हैं।

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