-सिलीगुड़ी नगर निगम की प्रशासकीय समिति के चेयरमैन ने लिया जायजा

-संबंधित अधिकारियों व कर्मचारियों को दिए युद्ध स्तर पर कचरा निस्तारण कार्य के निर्देश

-डंपिंग ग्राउंड की जमीन पर बस रहे लोगों को जमीन छोड़नी होगी, अन्यथा देना होगा मुआवजा जागरण संवाददाता, सिलीगुड़ी : शहर के डॉन बॉस्को रोड इलाके में स्थित डंपिंग ग्राउंड का सोमवार को सिलीगुड़ी नगर निगम की प्रशासकीय समिति के चेयरमैन गौतम देव ने जायजा लिया। वहां कचरों के प्रबंधन व निस्तारण की प्रक्रिया एवं प्रबंध को उन्होंने खुद देखा। उससे संबंधित अधिकारियों व कर्मचारियों को युद्ध स्तर पर कचरा निस्तारण कार्य के निर्देश दिए। कहा कि कचरा निस्तारण की जिम्मेदार दिन-रात लगातार कार्य करे। इसके लिए डे-शिफ्ट व नाइट-शिफ्ट की अलग-अलग रूप में व्यवस्था करनी हो तो करे। वहीं, उन्होंने जैविक व अजैविक कचरों का पूरी तरह अलग-अलग निस्तारण किए जाने पर जोर दिया। जैविक कचरों के प्रसंस्करण को तेजी देने की बात कही।

उन्होंने बताया कि बेहतर रूप में कचरा निस्तारण कर ग्रीन फील्ड निर्माण हेतु राज्य के निवर्तमान शहरी विकास मंत्री फिरहाद हकीम ने पहले चरण के लिए 18 करोड़ रुपये आवंटित किए थे। इसका पूरा तीन चरणों में कार्य किया जाना था। अभी फिलहाल पहले व दूसरे चरण का कार्य द्रुत गति से अंजाम दिया जाए। इनके संपन्न हो जाने के बाद दूसरे चरण को पूरा किया जाए। इससे कार्य जल्दी संपन्न होगा। वहीं, उन्होंने वहां कचरा निस्तारण कर्मियों के लिए शेड, रेस्ट रूम, ट्वॉयलेट ब्लॉक, पेयजल, पर्याप्त रूप में इलेक्ट्रिसिटी लाइट की व्यवस्था आदि किए जाने की भी बात कही ताकि कार्य करने में कर्मियों को कोई असुविधा न हो।

उन्होंने यह भी बताया कि वर्ष 2015 में उन्होंने खुद कचरा निस्तारण हेतु कई गाड़ियों का प्रबंध कर सिलीगुड़ी नगर निगम को दिया था। उन सारी गाड़ियों की रिपेयरिग व रंग-रोगन करवा कर उन्हें फिर से चुस्त-दुरुस्त किया जाएगा। इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि डंपिंग ग्राउंड की जमीन का वह सर्वे कराएंगे। क्योंकि, बहुत सी जमीन पर लोगों ने कब्जा कर लिया है। खरीद-बिक्री का खेल चल रहा है। इसे कदापि बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जो लोग डंपिंग ग्राउंड की जमीन पर बस रहे हैं उन्हें जमीन छोड़नी होगी। अन्यथा, बाजार दर से मुआवजा देना होगा। इस अवसर पर सिलीगुड़ी नगर निगम की प्रशासकीय समिति के सदस्य रंजन सरकार व आलोक चक्रवर्ती समेत अन्य कई उपस्थित रहे।