सिलीगुड़ी [जागरण स्पेशल]। यदि आप अमीर बनना चाहते हैं तो सिर्फ एक उपाय कर लें। सुबह जल्दी जग जाएं। इससे आपका स्वास्थ्य तो ठीक रहेगा ही, दुनिया में सबसे कीमती समय का भी अभाव नहीं रहेगा। कहते हैं न कि हेल्थ इज वेल्थ। मतलब स्वास्थ्य ही धन है। जब आप स्वस्थ हैं तो आपसे बड़ा धनवान कोई नहीं। स्वास्थ्य व समय, दोनों आपके पास रहेंगे तो फिर आपसे बड़ा धनवान कौन होगा। 
आज के समय में हर किसी का रोना यही रहता है कि समय नहीं मिला। समय मिलेगा तो आ जाऊंगा, आदि आदि। जानते हैं ऐसा क्यों होता है। इंटरनेट की दुनिया में खोए रहने के कारण हम रात में सोने के समय जागते रहते हैं और जब बिस्तर छोड़ देना चाहिए, तब सोए रहते हैं। लिहाजा हमें ढेर सारी बीमारियां तो घेर ही लेती हैं, काम का पर्याप्त समय नहीं मिलता। परिवार को भी इसी कारण पर्याप्त समय नहीं दे पाते। सबसे सुखी वही है, जो स्वस्थ हो और परिवार खुशहाल हो।
विज्ञान भी मानता है कि सुबह जल्दी उठने से कई बीमारियां पास नहीं फटकतीं। इसमें मानसिक अवसाद एक है। डिप्रेशन एक गंभीर बीमारी है, जो एक बार चपेट में लेती है तो इसका पता लगाना भी आसान नहीं होता। अगर नींद पूरी ना हो या फिर देर रात तक जागा जाए और देर से सोकर उठें तो अवसाद घेर लेता है। अगर समय पर सोकर और सुबह तड़के उठा जाएं जो अवसाद से बचा जा सकता है। सुबह सुर्योदय से पहले यानी चार से पांच बजे उठने से सबसे ज्यादा फायदा होता है।
सुबह जल्दी उठने के और भी हैं फायदे
सुबह जल्दी उठने से साफ और शुद्ध ऑक्सीजन फेफड़ों को मिलती है, जिससे सांस की समस्याओं से आराम मिलता है और फेफड़े स्वस्थ रहते हैं। स्वस्थ फेफड़े कई तरह की बीमारियों से बचाते हैं।
सुबह तड़के उठकर एक्सरसाइज करने से शरीर में ब्लड सर्कुलेशन बढ़ता है, जिससे दिल दुरुस्त रहता है और दिल से जुड़ी बीमारियां पास नहीं फटकती।ब्लड सर्कुलेशन बढ़ने से शरीर चुस्त रहता है और बाकी अंग भी सक्रिय रूप से काम करते हैं।
सुबह जल्दी उठकर कसरत करने से दिन भर ताजगी बनी रहती है,  जिससे काम करने में मन लगा रहता है और सबकुछ समय पर हो जाता है। काम पर अच्छा प्रभाव पड़ता है तो खुशी भी साथ आती है।
एक उम्र के बाद हड्डियां अपनी मजबूती खोने लगती हैं। ऐसे में सही खानपान और सही रुटीन और कसरत इन्हें मजबूत बनाने में मदद करता है। रोज सुबह तड़के उठकर कसरत करने से हड्डियां भी मजबूत होती हैं।
सुबह उठने के उपाय
यदि आप आठ बजे उठते हैं तो कल सुबह पांच बजे उठने के लिए अलार्म नहीं लगायें। धीमी शुरुआत करें। कुछ दिनों के लिए समय से 15 मिनट पहले उठने लगें। एक हफ्ते बाद आधे घंटे पहले उठने लगें। ऐसा ही तब तक करें, जब तक आप तय समय तक न पहुंच जाएं।
थोड़ा जल्दी सोने का प्रयास करें
 देर रात तक टीवी देखने या इंटरनेट पर बैठने के कारण आपको देर से सोने की आदत होगी, लेकिन यदि आप सवेरे जल्दी उठने की ठान लें तो यह आदत आपको बदलनी पड़ेगी। अगर आपको जल्द नींद न भी आती हो तो भी समय से कुछ पहले बिस्तर पर लेट जाएं। चाहें तो कोई किताब भी पढ़ सकते हैं। अगर आप दिनभर काम करके खुद को थका देते हों तो आपको जल्द ही नींद आ जायेगी।
अलार्म घड़ी को पलंग से दूर रखें
 यदि आप अपनी घड़ी या मोबाइल में अलार्म लगाकर उसे सिरहाने रखते हैं तो सवेरे तय समय पर अलार्म बजने पर आप उसे बंद क़र देते हैं या स्नूज कर देते हैं। उसे पलंग से दूर रखने पर आपको उसे बंद करने के लिए उठना ही पड़ेगा। एक बार आप पलंग से उतरे नहीं कि आप अपने पैरों पर होंगे। अब पैरों पर ही बनें रहें और काम में लग जाए।
अलार्म बंद करते ही बेडरूम से निकल जाएं
 अपने दिमाग में बिस्तर पर फ़िर से जाने का ख्याल न आने दें। कमरे से बाहर निकल जाएं। 
उधेड़बुन में न रहें
यदि आप सोचते रहे कि उठें या न उठें तो आप उठ नहीं पाएंगे। बिस्तर पर जाने का ख्याल मन में आने ही न दें।अच्छा कारण चुनें
 सुबह-सुबह करने के लिए कोई जरूरी काम चुन लें। इससे आपको जल्दी उठने में मदद मिलेगी। 
दिन की शुरुआत देख सकते हैं
सवेरे जल्दी उठने पर आप एक शानदार दिन की शुरुआत होते देख सकते हैं। सवेरे-सवेरे जल्द उठकर प्रार्थना करने और परमपिता को धन्यवाद देने का संस्कार डाल लें। बच्चों की चें-पें, खेलकूद का शोर, गाड़ियों के हार्न, टी वी की चिल्लपों – सवेरे यह सब न के बराबर होता है। सुबह के कुछ घंटे शांतिपूर्ण होते हैं। इस दौरान मानसिक शांति मिलेगी। देर से उठनेवाले लोग हर दिन घटित होनेवाली प्रकृति की आलौकिक प्रतीत होनेवाली बात को नहीं देख पाते, जैसे सूर्योदय को। रात काले से गहरे नीले में तब्दील होती है, फिर हलके नीले में, और आसमान के एक कोने में दिन की सुगबुगाहट शुरू हो जाती है। प्रकृति अपूर्व रंगों की छटा प्रस्तुत करती है।
नाश्ते का आनंद
 सवेरे जल्दी उठकर ही आप नाश्ते का आनंद ले सकते हैं। नाश्ता दिनभर का सबसे जरूरी भोजन है। नाश्ते के बिना हमारी देह धीमी आंच पर काम करती है और दोपहर के भोजन तक हम इतने भूखे हो जाते हैं कि कुछ भी खा लेते हैं, जैसे समोसे, जलेबी, पोहा, पकौडे, आदि। सवेरे अच्छा नाश्ता कर लेने से इनकी जरूरत नहीं पड़ती। इसके अलावा, चाय-काफी की चुस्कियां लेते हुए सवेरे अखबार पढ़ना या दफ्तर में काम की शुरुआत करना कितना सुकूनभरा है।
लक्ष्य बनाना
 क्या आपने अपने लिए कुछ लक्ष्य निर्धारित किए हैं? नहीं? आपको करना चाहिए! लक्ष्य बनाइये और सुबह जल्दी उठकर उनकी समीक्षा करिए। इस सप्ताह कोई एक काम करने की ठान लें और उसे समय पर पूरा कर लें। लक्ष्य बनाने के बाद हर सुबह उठकर यह तय करें कि आज आप अपने लक्ष्य को पाने की दिशा में कौन से कदम उठाएंगे! और वह कदम आप हर सुबह सबसे पहले उठायें।
काम पर आना-जाना
 भयंकर ट्रैफिक में आना-जाना कोई पसंद नहीं करता। दफ्तर के लिए कुछ जल्दी निकल पड़ने से न केवल ट्रैफिक से छुटकारा मिलता है, बल्कि काम भी जल्द शुरू हो जाता है। यदि आप कार से जाते हैं तो पेट्रोल बचता है। थोड़ा जल्दी घर से निकल रहें हो तो मोटरसाईकिल चलाने का मज़ा उठा सकते हैं।
लोगों से मिलना-जुलना
 सवेरे जल्दी उठने के कारण लोगों से मिलना-जुलना आसान हो जाता है। जल्दी उठें और तय मुलाक़ात के लिए समय पर चल दें। जिस व्यक्ति से आप मिलने जा रहे हैं वह आपको समय पर आया देखकर प्रभावित हो जाएगा। आपको मुलाक़ात के लिए ख़ुद को तैयार करने का समय भी मिल जाएगा।
अब आप समझ गए होंगे कि सुबह उठने के कितने फायदे हैं। जब अपनी दिनचर्या में थोड़ा सा बदलाव लाकर आप सुबह जल्दी उठना शुरू कर देंगे तो ये फायदे आपको भी मिलेंगे। फिर आप को अमीर बनने से कौन रोक सकता है। क्योंकि आपके पास सबसे कीमती समय होगा। अच्छा स्वास्थ्य होगा। परिवार खुशहाल रहेगा। 

 

Posted By: Rajesh Patel

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