कोलकाता, राज्य ब्यूरो। राज्य सरकार के निर्देश पर गो तस्करी मामले की चल रही सीआइडी जांच पर कलकत्ता हाई कोर्ट द्वारा रोक लगाए जाने के बाद अब भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष दिलीप घोष ने ममता सरकार पर करारा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि 2011 में राज्य में तृणमूल शासन की शुरुआत से ही गो तस्करी बढ़ी लेकिन इतने दिन सीआइडी ने क्यों नहीं जांच व कार्रवाई की। अब जब इस मामले में सीबीआइ की कार्रवाई तेज हुई तो सीआइडी की सक्रियता भी बढ़ गई। घोष ने ट्विटर के जरिए सवाल किया कि क्या मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सबूत मिटाने के लिए सीआइडी को गो तस्करी की जांच के आदेश दिए थे? 

सीएम ममता बनर्जी पर साधा निशाना 

घोष ने आरोप लगाया कि सीबीआइ की सक्रियता से घबराकर सीआइडी जांच का ढोंग कर रही है ताकि केंद्रीय एजेंसी के हाथ में पहुंचने से पहले ही सबूतों को नष्ट किया जा सके। भाजपा सांसद ने कटाक्ष करते हुए यह भी सवाल किया कि क्या सबूतों को नष्ट करने का आदेश नवान्न (राज्य सचिवालय) की 14वीं मंजिल से आया है? उन्होंने कहा कि हाई कोर्ट ने तृणमूल कांग्रेस की मंशा को भांपते हुए सीआइडी जांच पर रोक लगा दी है। बता दें कि मुख्यमंत्री का कार्यालय नवान्न में 14वीं मंजिल पर रही है।

कानून विशेषज्ञों की राय 

इधर, कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार, गो तस्करी मामले में सीआइडी जांच को निलंबित करके अदालत ने सही काम किया है। उनके अनुसार, भारतीय कानून में एक ही अपराध के लिए दो अलग-अलग प्राथमिकी दर्ज नहीं की जा सकती है। ऐसे में अगर दो अलग-अलग एजेंसियां जांच करती है तो मामला प्रभावित रहने की आशंका रहती है। साथ ही यह कानून के भी खिलाफ है। उल्लेखनीय है कि हाई कोर्ट ने मवेशी तस्करी मामले में सीआइडी जांच पर रोक लगा दी है जबकि सीबीआइ को मामले की जांच जारी रखने को कहा है।

Edited By: Sumita Jaiswal

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