कोलकाता, जेएनएन। mob lynching राज्य में मॉब लिंचिंग रोकने को ममता सरकार ने पश्चिम बंगाल प्रिवेंशन ऑफ लिंचिंग बिल, 2019 विधानसभा में पारित किया है। परंतु, बिल पारित होने के एक हफ्ते के भीतर ही उन्मादी भीड़ ने एक व्यक्ति को पीटकर मार डाला, जबकि दो गंभीर रूप से जख्मी है। यह दोनों घटनाएं मुर्शिदाबाद और जलपाईगुड़ी जिलों की है।

मुर्शिदाबाद में स्थानीय लोगों के साथ झगड़े के बाद भीड़ ने साबिर शेख (31) नामक एक युवक का हाथ-पैर बांध कर इतना मारा की मौत हो गई। यह घटना एक मेडिकल सेंटर के निकट हुई। हालांकि, जब हादसा हुआ तो डॉक्टर अपने चेंबर में नहीं थे। एक चश्मदीद गवाह ने कहा, उग्र भीड़ ने कथित तौर पर उस शख्स को बांध दिया और उसकी पिटाई कर दी। जब बहरमपुर थाने की पुलिस मौके पर पहुंची, तो साबिर की मौत हो चुकी थी।

पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। इस मामले में सुरक्षा मेडिकल सेंटर के दो मालिकों अशोक बराल और रंजीत बिश्वास को पुलिस ने हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है। इस बीच, एक अन्य घटना जलपाईगुड़ी जिले के राजगंज क्षेत्र में हुई जहां भीड़ ने दो अलग-अलग स्थानों पर बच्चा चोर होने के संदेह में दो लोगों की जमकर पिटाई कर दी। जब पुलिस मौके पर पहुंची, तो स्थानीय लोगों ने पुलिस पर भी हमला कर दिया।

पुलिस की गाड़ी में भी तोड़फोड़ की गई और भीड़ ने वाहन के आगे का शीशा तोड़ दिया। पुलिस को पीछे हटना पड़ा, लेकिन वे आखिरकार पीडि़तों को बचाने में कामयाब रहे। एक की पहचान झारखंड के धमेंद्र सिंह के रूप में हुई है। उन्हें स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया गया है और उनकी हालत गंभीर है। अन्य व्यक्ति की पहचान नहीं हो सकी है लेकिन उसकी हालत स्थिर है। राजगंज पुलिस स्टेशन के प्रभारी श्रीजन कुंडू ने कहा कि इस मामले में सात लोगों को गिरफ्तार किया गया है। जलपाईगुड़ी और अलीपुरद्वार जिले में 22 जुलाई से लेकर अब तक आठ लोगों पर भीड़ के हमले हुए हैं।

बताते चलें कि विधानसभा में पिछले सप्ताह पारित किए गए बिल में मॉब लिंचिंग के दोषी पाए जाने पर मृत्युदंड तक का प्रावधान किया गया है। बावजूद इसके उन्मादी भीड़ बेखौफ कर कानून को अपने हाथ में ले रहे हैं।

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Posted By: Preeti jha

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