सिलीगुड़ी, जागरण संवाददाता। यह शहर टेबल टेनिस का मक्का माना जाता है। ऐसे में वार्ड 29 दादाभाई स्पोर्टिंग क्लब के पास से  टेबल टेनिस खिलाड़ी 22 वर्षीय सुजीत चटर्जी  पिछले चार दिनों से लापता होने से हड़कंप मच गया है।  इस बात की जानकारी  सामने तब आयी जब उसकी माँ सुजाता चटर्जी ने डिस्ट्रिक लीगल एड  फोरम की सहायता से मामला दर्ज कराया। गुरुवार की देर रात सिलीगुड़ी पुलिस ने विशाल समेत तीन युवक को पुछताछ के लिए थाना लेकर आयी है। उससे भी कोई जानकारी नही जुटा पायी है।  पुलिस हर एंगल से जांच कर रही है। 

यह है पूरा मामला 

भारतनगर की रहने वाली सुजाता चटर्जी अपने पति के मौत के बाद बेटा सुजीत चटर्जी के साथ वार्ड 29 के शिव चटर्जी के घर किराया पर रहने लगी। सुजीत पास ही रहने वाली  टेबल टेनिस  प्रशिक्षक अर्जुन अवार्ड प्राप्त मान्तु घोष व  सुब्रत राय से प्रशिक्षण प्राप्त कर नेशनल में गोल्ड जीत टेबल टेनिस का उभरता खिलाड़ी बना।  वर्ष 2018 के दिसम्बर में हरियाणा में हुए इंटर स्टेट जूनियर यूथ खेल में यह बंगाल के लिए मैडल जीता था। 

कोरोना महामारी काल मे वह प्रशिक्षण नही लेकर घर मे ही रह रहा था। पिछले एक माह से वह  घर के आर्थिक तंगी से पूरी तरह टूट सा गया था। वह मां के पास  घंटों बैठकर रोता रहता था। वह कहता था मां मैने तुम्हारे लिए कुछ भी नही कर सका। मां सांत्वना देती थी की अभी उम्र ही क्या है। इस प्रकार मत सोचों तुन्हें अंतरराष्ट्रीय  खिलाड़ी बनना है?। डिप्रेशन  के कारण वह पिछले कुछ दिनों से वह कुछ युवकों के संगत में आ गया था। मंगलवार देर शाम को अचानक तो युवक स्कूटी से आया और उसे बुलाकर अपने साथ ले गया। उस समय युवकों के साथ उसकी कोई कहा सुनी भी हुई थी। सुजीत उस रात नही लौटा। 

दूसरे दिन दो लड़के सुजीत के घर आये और  उसके घर मे घुसकर कुछ खोजते हुए मां से कहा कि सुजीत को जान से मार देंगे। मां उसके बाद डर गई। टेबल टेनिस कोच मान्तु घोष और डिस्ट्रिक लीगल एड फोरम के महासचिव अमित सरकार को सारी बात बतायी। मामले को गंभीर  मानकर इस संबंध में सिलीगुड़ी थाना में शिलायत दर्ज करायी गयी। 

क्या कहना है माँ व डिस्ट्रिक फोरम के महासचिव का 

मां सुजाता चटर्जी  का कहना है कि उन्हें डर लग रहा है कि उनके बेटा को अपहरण कर हत्या ना कर दिया गया हो। वह कौन युवक था और उसका मेरे बेटे के साथ क्या दुश्मनी थी मुझे पता नही? 

डिस्ट्रिक लीगल एड फोरम के महासचिव अमित  सरकार का कहना है कि सुजीत काफी शान्त खिलाड़ी था। वह किसी से ज्यादा बात भी नही करता था। उसे युवक क्यों ले गया कहा रखा है और उसके साथ  क्या हुआ ? यह तो उसके बरामदगी के बाद ही पता चल पाएगा। इस घटना में जो भी शामिल है। फोरम की ओर से अपील है कि खिलाड़ी के साथ कुछ गलत नही किया जाय। अगर पैसे की बात है तो शहर खिलाड़ी के लिए पैसा देने को तैयार है। 

पुलिस अधिकारी ने कहा 

पुलिस कमिश्नरेट के डीसीपी ईस्ट वन नीमा शेरपा भूटिया का कहना है कि पुलिस मामले की जांच कर रही है। सभही प्रकार के सुराग जुटाएं जा रहे है।  

इंडियन टी20 लीग

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