यह बरगद सिक्किम की धरोहर ही नहीं बल्कि हिंदू धर्मावलंबियों की आस्था का प्रतीक था : पासाग शेर्पा

संवाद सूत्र,गंगटोक: स्थानीय पुराने एसटीएनएम अस्पताल परिसर में अवस्थित 100 साल पुरानी बरगद की पेड़ को गुरुवार की रात करीब 10 बजे काट दिया गया। इसके संरक्षण की माग करते आए सिक्किमे नागरिक समाज के सदस्यों ने पेड़ काटने की सरकारी अनुमति की निंदा की है। उनका मानना है कि यह बरगद का पेड़ 100 साल पुराना एक धरोहर था। इसके साथ ही सिक्किम के हिंदू धर्मावलंबी बरगद की पूजा करते है। जब यहा अस्पताल संचालित था उस समय लोग यहा स्वास्थ्य लाभ की दुआ मागते थे। ऐसी लोगों की आस्था के प्रतीक को काटना जनता की आस्था प्रति चोट पहुंचाना है। सिक्किमे नागरिक समाज के प्रवक्ता पासाग ग्याली शेर्पा ने कहा कि यह पवित्र पेड़ काटने से जो नकारात्मक परिणाम आएकी उसे प्रशासन भुगतें। उन्होंने कहा कि प्रशासन की लापरवाही से आधी रात में काटा गया है। उन्होंने जानकारी दी है कि राज्य वन विभाग ने पेड़ को अन्यत्र स्थानातरित करने को कहा था लेकिन रात में मशीन से काट दिया गया। उन्होंने स्मार्ट सिटी परियोजना, शहरी विकास विभाग, वन विभाग और राज्य सरकार से इस पर जवाब मागा है। पासाग शेर्पा ने यह केवल मानव के लिए ही नहीं बल्कि पक्षियों के लिए भी शीतलता प्रदान करने वाला एक पेड़ था कहा। इस अवसर पर निर्माण क्षेत्र में उपस्थित लोगों ने कटी हुई बरगद के शाखाओं पर खादा अर्पित कर पूजा भी की।

पेड़ काटने के मुद्दे पर सिक्किम डेमोक्रेटिक फ्र ंट (एसडीएफ) पार्टी ने भी ऐसे इस कार्य का खंडन किया है। भाजपा सिक्किम के प्रवक्ता डा. राजू गिरी ने भी वन विभाग का स्पष्टीकरण माँगा है।

उल्लेखनीय है कि पुराने एसटीएनएम अस्पताल परिसर में स्मार्ट सिटी परियोजना की एक बहुमंजिला भवन निर्माण किया जा रहा है। निर्माण क्षेत्र परिसर में एक 100 साल का बरगद का पेड़ था जिसकी संरक्षण के लिए राज्य के विभिन्न राजनीतिक और गैर राजनीतिक दल के सदस्य विगत समय से माग कर रहे थे।

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चित्र परिचय:: फोटो: 100 साल पुराना बरगद का पेड़

Edited By: Jagran