संवाद सूत्र, बालुरघाट : बालुरघाट के प्रसिद्ध बोल्ला रक्षा काली के हाथों में इस बार बनारस से निर्मित दो किलो का सोने का खड़ग होगा। बालुरघाट के स्वर्णव्यवसायी की तत्परता से पहली बार बनारस से विशेष सोने का खड़ग तैयार करवाया जा रहा है। आगामी 15 नवंबर से मां की पूजा शुरू होगी, पूजा से पूर्व खड़ग को बालुरघाट लाने की तैयारी चल रही है। शुक्रवार को खूंटी पूजा के साथ मां का आह्वान किया गया। यह पूजा चार दिनों तक होती है, जिसमें पूरे बंगाल से लोग आते है। यहां तक पड़ोसी देश बांग्लादेश से भी लोग बोल्ला काली की पूजा में शरीक होने के लिए आते है। इस मेले में सभी संप्रदाय के लोग शामिल होते है। गंगा-जमुनी संस्कृति के दर्शन भी इस मेले में होता है।

मेला कमेटी के सदस्य दीपक कर्मकार ने बताया कि इस बार पूजा का शुभारंभ शुरू हो गया है। इस बार पूजा का विशेष आकर्षण होगा, मां के हाथों में स्वर्ण का खड़ग। इलाकावासियों ने बताया कि इस इलाके का जमींदार का नाम था बल्लभ मजूमदार। उनके नाम पर इस स्थान का नाम हो गया बोल्ला। कुछ साल पहले एक महिला को मां सपने में मां ने दर्शन देकर पूजा करने का कहा था। वैसे ईस्ट इंडिया कंपनी के दस्तावेज में भी बोल्ला काली पूजा का जिक्र है।

Posted By: Jagran

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