संवाद सूत्र, बालुरघाट : बीएसएफ के 122 नंबर बटालियन ने बालुरघाट के आत्रयी नदी में विशेष अभियान चलाकर 33 गायों को तस्करी से बचाया। गौरतलब है कि दक्षिण दिनाजपुर के 252 किलोमीटर तक भारत-बांग्लादेश का सीमावर्ती क्षेत्र है। इसमें करीब 30 किलोमीटर इलाका बगैर कांटातार का है। यह इलाका पूरी तरह खुला है। इस मार्ग का लाभ दोनों देश के तस्कर उठाते है। प्राय: आत्रयी नदी मार्ग से मवेशियों की तस्करी की जाती है। बारिश के बाद से नदी का जलस्तर बढ़ गया है। तस्कर भारत-बांग्लादेश के तपन, बालुरघाट, हिली आदि इलाके से मवेशी तस्करी करते है। गायों के साथ केला गाछ बांधकर नदी में छोड़ दिया जाता है। उसका हाथ, मुंह, पांव आदि बांध करके नदी में बेदर्दी से छोड़ दिया जाता है। डूबने के डर से ही उनके साथ केलागाछ बांध दिया जाता है। इसे देखकर बीएसएफ के जवान अ‌र्ल्ट हो गए है। गुरुवार की अहले सुबह बीएसएफ के 122 नंबर बटालियन ने आत्रयी नदी में नाव उतारकार विशेष अभियान चलाया और नदी से 33 गायों को तस्करी से बचा लिया। बचायी गयी सभी गायों को बालुरघाट थाना पुलिस को सौंप दिया गया।

Posted By: Jagran

अब खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस, डाउनलोड करें जागरण एप